सीबीआई ने वकील और निशानेबाज सिप्पी सिद्धू की हत्या के मामले में आरोपी कल्याणी सिंह की जमानत याचिका का विरोध किया है। सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। अगर आरोपी कल्याणी को ऐसे में जमानत मिलती है तो वह मामले की जांच को प्रभावित कर सकती है।
इस दौरान कल्याणी के वकील सरतेज नरूला ने दलील दी कि याची की गिरफ्तारी के लिए सीबीआई के पास याची के खिलाफ कोई सबूत नहीं है। याची को इस मामले में झूठा फंसाया जा रहा है। एडवोकेट नरूला ने कहा कि सीबीआई ने 14 दिसंबर 2020 को खुद इस मामले में अनट्रेस रिपोर्ट दायर कर दी थी जिसमें सीबीआई ने किसी को आरोपी नहीं बनाया था। इसके इतने लंबे समय बाद अचानक से बिना किसी नए सबूत और तथ्य के सीबीआई की ओर से कल्याणी सिंह को गिरफ्तार करना गलत है।
इसके अलावा सीबीआई ने अपनी अनट्रेस रिपोर्ट में सिप्पी सिद्धू की छह गर्लफ्रेंड्स होने का भी जिक्र किया था लेकिन इनमें से कोई भी गर्लफ्रेंड सीबीआई के शक के घेरे में नहीं है। नरूला ने अदालत को बताया कि सिप्पी की हत्या की वजह विवादित संपत्ति भी हो सकती है। इस दौरान सिप्पी कनाडा में था तो भी उसको धमकियां मिल रही थीं। वहीं, सीबीआई ने कहा कि इस मामले में अभी जांच चल रही है। अगर आरोपी कल्याणी को ऐसे में जमानत मिलती है तो वह मामले की जांच को प्रभावित कर सकती है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है। 13 जुलाई को इस याचिका पर फैसला हो सकता है।
यह था मामला
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट सुखमनप्रीत सिंह उर्फ सिप्पी सिद्धू की 20 सितंबर 2015 को सेक्टर-27 स्थित पार्क में गोलियां मारकर हत्या की गई थी। इस मामले की जांच पहले पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को दे दी गई। इस मामले में सीबीआई ने पिछले छह साल में कोई गिरफ्तारी नहीं की थी लेकिन जून, 2022 में अचानक इस मामले में सीबीआई ने हिमाचल हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस सबीना की बेटी कल्याणी सिंह को गिरफ्तार कर लिया था।