फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

किसान आंदोलन: कैप्टन ने अमित शाह से फिर की मांग-रद्द करें कृषि कानून, हर वर्ग को प्रभावित कर रहा आंदोलन  

Tue, 10 Aug 2021 10:24 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/चंडीगढ़

सार

कैप्टन ने कहा कि पंजाब में लंबे समय से जारी आंदोलन के कारण न केवल आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बल्कि इसका सामाजिक स्तर पर भी असर होने की संभावना है।
विज्ञापन
कैप्टन अमरिंदर सिंह और गृहमंत्री अमित शाह। - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग दोहराई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर कैप्टन ने लंबे समय से जारी किसान आंदोलन के सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव का हवाला दिया है। कैप्टन का कहना है कि इन कानूनों के कारण पंजाब और अन्य राज्यों के किसानों के बीच बड़े स्तर पर बेचैनी पाई जा रही है। 

विज्ञापन


सरहद पार से विरोधी ताकतों द्वारा सरकार के खिलाफ गुस्सा भड़काने की जारी कोशिशों पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों की चिंताओं के जल्द हल की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा जून, 2020 में लाए गए अध्यादेश के समय से पंजाब में प्रदर्शन चल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘चाहे अब तक यह प्रदर्शन बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण रहे हैं लेकिन इससे लोगों में बढ़ रहा गुस्सा प्रकट होता है, खासकर उस समय पर जब राज्य 2022 के आरंभ में विधानसभा चुनाव की ओर बढ़ रहा है।’


उन्होंने कहा कि पंजाब में लंबे समय से जारी आंदोलन के कारण न केवल आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। बल्कि इसका सामाजिक स्तर पर भी असर होने की संभावना है। विशेष तौर पर उस समय, जब राजनीतिक पार्टियां और अन्य समूह अपने-अपने स्टैंड पर अड़े हुए हैं। रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान आंदोलन के दिल्ली की सरहदों की तरफ कूच करने से लेकर अब तक 400 किसानों और किसान कामगारों ने जान गंवा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने इससे पहले शाह से पंजाब से सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने के लिए समय मांगा था।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरहद पार से बढ़ रहे खतरे से भी अवगत कराया

सरहद पार से राज्य को बढ़ रहे खतरे को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस दौरान कैप्टन ने पाकिस्तान की शह प्राप्त आतंकी ताकतों से मुकाबला करने के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों (सीएपीएफ) की 25 कंपनियां और बीएसएफ के लिए ड्रोन नष्ट करने वाले उपकरण तुरंत मुहैया कराने की मांग की है।


स्वतंत्रता दिवस से पहले और आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की सरगर्मियां बढ़ गई हैं। राज्य में हाल के दिनों में हथियारों, हैंड ग्रेनेड और आईईडी की बड़ी स्तर पर घुसपैठ का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने अमित शाह के साथ मीटिंग में बताया कि सुरक्षा की स्थिति बहुत भयावह है, जिसके लिए केंद्र को तुरंत दखल देने की जरूरत है। कैप्टन ने केंद्रीय गृह मंत्री से अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, मोहाली, पटियाला, बठिंडा, फगवाड़ा और मोगा के लिए केंद्रीय हथियारबंद पुलिस बलों की मांग करने के साथ ही सरहद पर बीएसएफ के लिए ड्रोनों को नष्ट करने वाले उपकरण मांगे हैं। उन्होंने अहम स्थानों और सार्वजनिक समारोह जिनमें वीवीआईपी शामिल होते हैं, की सुरक्षा को खतरे का हवाला भी दिया। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें