कैप्टन दोपहर के बाद दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों के अनुसार कैप्टन की शुक्रवार को पंजाब चुनाव प्रभारी गजेंद्र सिंह शेखावत से मुलाकात होगी। जिसमें अभी पंजाब फतेह को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह एक विस्तृत रिपोर्ट और सीट शेयरिंग फॉर्मूले को साझा करेंगे। जिसके बाद शाम को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से कैप्टन मुलाकात करेंगे।
कांग्रेस का कैप्टन करेंगे नुकसान
पंजाब के सियासी माहिरों का मानना है कि कैप्टन के चुनाव में उतरने से कांग्रेस को सबसे अधिक नुकसान झेलना पड़ेगा। इस चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा और शिअद (संयुक्त) के साथ चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर चुके हैं। उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ गठबंधन न कर सीट शेयरिंग के फार्मूले पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। इसको लेकर कैप्टन लगातार भाजपा के नेताओं के साथ बैठकें कर रणनीति बना रहे हैं।
भाजपा ने अभी तक नहीं खोले पत्ते
पंजाब में भले ही कैप्टन भाजपा और शिअद संयुक्त के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं लेकिन अभी तक पंजाब भाजपा की ओर से कोई भी बयान नहीं दिया गया है। पंजाब भाजपा अभी तक 117 सीटों पर ही चुनाव लड़ने का दावा कर रही है। हाल ही में लुधियाना में हुई प्रदेश परिषद की बैठक में भी नेताओं ने अकेले ही चुनाव लड़ने का दावा पेश किया।
पंजाब चुनाव में कैप्टन के साथ जो भी गठबंधन या सीट शेयरिंग का फैसला होगा वह केंद्रीय नेतृत्व के द्वारा ही तय किया जाएगा। हालांकि केंद्रीय नेतृत्व लगातार पंजाब के नेताओं से संपर्क बनाए हुए है। जल्द ही इस पर फैसला हो जाएगा। - जीवन गुप्ता, प्रदेश महासचिव, पंजाब भाजपा।