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चंडीगढ़: यूजीसी ने शुरू की युवा लेखक प्रतियोगिता, पंजाब यूनिवर्सिटी में तैयार किए जा रहे विद्यार्थी

Fri, 02 Jul 2021 02:53 PM IST
निवेदिता वर्मा सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इस प्रतियोगिता के तहत देशभर से 75 युवा लेखकों का चयन होगा। चयनित लेखकों को प्रतिमाह 50 हजार रुपये स्कॉलरशिप के रूप में छह माह तक मिलेंगे। 
 
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पीयू में छात्र युवा लेखक प्रतियोगिता की तैयारी में जुटे। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिश्न (यूजीसी) की ओर से शुरू की गई युवा लेखक ऑनलाइन प्रतियोगिता की तैयारियां पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी भी जोर शोर से कर रहे हैं, लेकिन उनके मन में कई सवाल हैं। वे चाहते हैं कि किताब ऐसी लिखें, ताकि उनका चयन यूजीसी की ओर से किया जाए। ऐसे में वे विशेषज्ञों की भी राय ले रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि युवाओं ने विषय चयन और उसकी उपयोगिता पर ध्यान दिया तो उम्मीद है कि वह किताब के आखिरी पन्ने तक पहुंचकर एक अच्छा संदेश देंगे।

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युवा किताब लिखने से पहले विषय चयन बेहतर करें। उसकी उपयोगिता को भी देखें। विषय की परंपरा का अवलोकन करें। अतीत में देखें कि उस विषय को किस रूप में लिखा गया है और उसके परिणाम क्या रहे हैं। किताब लिखने वाले विषय को समसामयिक रूप में देखें। उस विषय पर लिखना कितना महत्वपूर्ण है, इसका भी युवा अध्ययन करें। 


पढ़ने-लिखने व शिक्षा संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए युवा व नवोदित लेखकों के लिए यूजीसी ने ऑनलाइन प्रतियोगिता शुरू की है। इस प्रतियोगिता का शुभारंभ 14 जून से शुरू हुआ था। यह योजना 31 जुलाई तक चलेगी। युवाओं को ऑनलाइन ही पूरी किताब लिखनी है। कुछ युवाओं ने किताबें लिखना शुरू कर दिया है तो कुछ लोगों की राय ले रहे हैं। 
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इस प्रतियोगिता के तहत देशभर से 75 युवा लेखकों का चयन होगा। चयनित लेखकों को प्रतिमाह 50 हजार रुपये स्कॉलरशिप के रूप में छह माह तक मिलेंगे। चयनित युवाओं की किताबें नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर से प्रकाशित की जाएंगी। विषय चयन विद्यार्थी खुद कर सकते हैं। शब्दों की शर्त प्रतियोगिता में नहीं है। 

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किताब लिखने से पहले इन बातों का ध्यान रखें

पीयू का हिंदी विभाग छात्रों को इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित कर रहा है। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. बैजनाथ प्रसाद का कहना है कि उनके विभाग के कई युवा किताबें लिखने में रुचि रखते हैं। वे कविता व कहानियां भी लिखते हैं। उन युवाओं को ऐसी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए हम आगे बढ़ा रहे हैं। 

इतने पृष्ठ में लिखी जा सकती हैं पुस्तकें
विशेषज्ञों का कहना है कि साहित्य व लघु उपन्यास लिखना है तो उसके लिए 100 से 125 पृष्ठ सही माने जाते हैं। कहानी के लिए लगभग 150 पृष्ठ हों। कविता दो से तीन पृष्ठ की भी हो सकती है और अधिक की भी। विशेषज्ञों की राय है कि खुद के अनुभव को यदि सर्वजन के अनुभव बना सकें तो ही उसे लिखें। 
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