मैं मेकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहा हूं। पिछले लगभग दो साल से कोई शोध या प्रयोग नहीं किया है। बिना प्रयोग के हमारी डिग्री की कोई अहमियत नहीं है, क्योंकि हमारी 90 प्रतिशत से अधिक पढ़ाई लैब की है। ऑनलाइन में डिग्री महज कागज का टुकड़ा हो गई है। हमें चिंता है कि ऐसे में नौकरी के लिए कैसे आवेदन करेंगे। - अनुराग वर्धान
ऑनलाइन में नहीं हुई मूट कोर्ट
कानून की पढ़ाई का अंतिम वर्ष है। दूसरे वर्ष से मूट कोर्ट की प्रायोगिक शिक्षा की शुरुआत होती है, जिसमें हमें कोर्ट के संचालन की प्रक्रिया के साथ बहस इत्यादि करना सिखाते हैं लेकिन पिछले दो सालों में हमने कुछ नहीं सीखा है। नौकरी पहले ही नहीं है, ऐसे में बिना प्रायोगिक शिक्षा के हमारी नींव कैसे तैयार होगी। - अमन, विद्यार्थी
ऑनलाइन कैसे इंजीनियर बनेंगे
यूनिवर्सिटी को समझना चाहिए कि ऑनलाइन डॉक्टर और इंजीनियर नहीं बन सकते हैं। जब स्कूल खुल गए हैं तो यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी तो टीकाकरण भी करवा चुके हैं, उन्हें विभाग में बुलवाना चाहिए। हमें बिना प्रायोगिक शिक्षा के नौकरी कौन देगा। मेरी एमई बायोटेक की डिग्री ऑनलाइन ही निकल गई है। - निखिल, विद्यार्थी
बिना ब्लड टेस्ट सीखे डिग्री पूरी
मैंने बीएससी-एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में दाखिला लिया था। पीयू में दाखिला लेने का मकसद था कि प्रायोगिक शिक्षा मिलेगी लेकिन मेरी इस साल बीएससी बिना ब्लड टेस्ट, फूड टेस्ट सीखे ही हो गई। हमारी नौकरी ब्लड लैब, फूड लैब आदि में लगती है। बिना प्रायोगिक जानकारी के लिए हम कहां नौकरी के लिए आवेदन कर पाएंगे। - शाश्वत, विद्यर्थी