भविष्य में साइकोलॉजी में अपना कॅरिअर बनाना चाहती हूं। लेकिन रंगमंच और स्टाइलिंग का शौक है। इस क्षेत्र में पिछले लगभग तीन साल से काम कर रही हूं और आगे जारी भी रखना चाहती हूं। कॉलेज के बाद एक घंटा रंगमंच और एक घंटा मॉडलिंग की रिहर्सल के बाद शाम को घर लौटकर बचे समय में वीडियो के लिए कंटेट तैयार करने के साथ उसकी एडिटिंग करती हूं। स्टाइलिंग, फैशन, एक्टिंग और कॉमेडी वीडियो को इंस्टाग्राम के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है। इससे कमाई भी होती है। वीडियो खुद से शूट करनी पड़ती है, इसके लिए मैंने अच्छी वीडियो क्वालिटी का फोन खरीदा और कमरे में कैमरा लाइट की व्यवस्था की। फोन को ट्राइपोड आदि पर स्थिर कर वीडियो बनाती हूं। बाद में इसे फोन पर ही एडिट करती हूं। सोशल मीडिया पर कलात्मक गतिविधियों से कमाई करने के लिए समय प्रबंधन के साथ निरंतरता बनाए रखना और दर्शकों को नया कंटेट उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है। तभी इसे युवा कॅरिअर के विकल्प की तरह देख सकते हैं। शुरुआत में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। -विष्णुप्रिया डोडा, एक्टर और विद्यार्थी
कला को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए चुना सोशल मीडिया
लगभग चार वर्ष पहले कलात्मक यात्रा शुरू हुई। डिजाइन स्कूल में दाखिला नहीं मिलने के कारण मनोविज्ञान में ही पढ़ाई कर रही हूं। लेकिन सेरेमिक कला में काम करना मेरा जुनून है, इसलिए मैंने कॉलेज के बाद इस कला को निखारने और इसके बारे में सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे इसमें हाथ परखने के बाद मैंने अपने काम को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू किया। यहां से लोगों की अच्छी प्रतिक्रियाएं मिलीं। सेरेमिक में कप, प्लेट, एश ट्रे, फूलदान और सजावटी वस्तुएं बनाने के साथ इंटीरियर को सेरेमिक कला और सीमेंट का उपयोग कर बेहतर बनाने के लिए दीवारों इत्यादि पर भी काम करती हूं। सारा काम सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर लोगों तक पहुंचाती हूं। इससे लोग सोशल मीडिया के जरिए ही ऑर्डर की मांग कर लेते हैं। लोधी गार्डन, दिल्ली की दीवारों को डिजाइन करने वाले कलाकारों का भी सहयोग किया था। अगर युवाओं में कला है तो आज के समय में उस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए सोशल मीडिया बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। - अदिति (मैडिटीस), कलाकार और विद्यार्थी