पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने पठानकोट आतंकी हमले के लिए बीएसएफ को जिम्मेदार ठहराते हुए अपनी सरकार की पीठ थपथपाई। दरअसल डिप्टी सीएम सुखबीर बादल को चार दिन बाद भी नहीं पता कि आतंकवादी सरहद पार से पंजाब के बार्डर को क्रास कर आए या फिर सांबा से।
वह रविवार को पठानकोट आए और अपनी पुलिस की पीठ थपथपाकर सीमा सुरक्षा बल के जवानों और काम में खामियां निकालकर चले गए। ये हालात तब हैं जब सूबे का गृह विभाग भी डिप्टी सीएम के पास ही है।
उन्होंने एसपी सलविंदर सिंह के संदिग्ध होने तक के सवालों पर सकारात्मक जवाब दिया कि अगर वह न होते क्या हमको आतंकवादियों का इनपुट मिलता। अगर सलविंदर सिंह से इनपुट मिला तो तत्काल केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी विधिवत रूप से भेजी गई थी।
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने कहा कि यह हमारा ही इनपुट है कि केंद्रीय एजेंसियों ने तत्काल एनएसजी को पठानकोट भेजा और हमने पंजाब को एक बड़ा नुकसान होने से बचा लिया।
कहा, पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल मुस्तैद नहीं
डिप्टी सीएम ने कहा कि पंजाब से सटी पाकिस्तान सीमा पर सीमा सुरक्षा बल उतना मुस्तैद नहीं है, जितना जेएंडके में पाकिस्तान बार्डर पर है। इसलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक पत्र लिखा जाएगा कि पंजाब से सटी पाकिस्तान सीमा पर बीएसएफ के जवानों की संख्या में इजाफा किया जाए और सुरक्षा तंत्र मजबूत किया जाए।
आतंकवादी पंजाब बार्डर से आए थे के सवाल पर सुखबीर ने कहा कि इस बारे में उनको पता नहीं है। 30 नवंबर को बीएसएफ के आईजी अनिल पालीवाल ने दावा किया था कि दीनानगर अटैक में आतंकवादी पंजाब के बमियाल बार्डर से नहीं आए थे। इस पर भी सुखबीर कोई जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि हमारी मांग तो यह है कि इलाका संवेदनशील है, इसमें सख्ती की जाए।
डिप्टी सीएम ने कहा कि पठानकोट इलाके में एक अतिरिक्त पुलिस लाइन तैयार की जाएगी, इसके अलावा कमांडों की बटालियन, स्वैट टीम को तैनात किया जाएगा।
टीमों को सीसीटीवी कैमरे से लेकर सारे आधुनिक डिवाइस दिए जाएंगे। डिप्टी सीएम ने कहा कि उनको अभी यही जानकारी है कि आतंकवादी छह थे, जिसमें से दो जिंदा हैं और एयरबेस के अंदर हैं।