आतंकी पंजाब में कैसे घुसे और पठानकोट एयरफोर्स स्टेशन तक किसकी मदद से पहुंचे? इसका खुलासा बीएसएफ के डीआईजी ने किया। डीआईजी सुमेर सिंह यादव कहते हैं कि आतंकी पंजाब भाषा के कारण घुसने में कामयाब हुए। उन्होंने कहा कि भारत-पाक की एक जैसी भाषा ही आतंकी गतिविधियों के लिए कारगर साबित हो रही है।
जानकारी के मुताबिक पांच आतंकी जिस दिन भारतीय सीमा में घुसे उस दिन वे आपस में पंजाबी में बातचीत कर रहे थे। इसी कारण किसी को उनकी गतिविधियों के बारे में नहीं पता चला। डीआईजी के मुताबिक वीरवार को आतंकियों ने गुरदासपुर के पूर्व एसपी से कार छीनने के वक्त पंजाबी का इस्तेमाल किया था।
दिल्ली से उन्हें आदेश मिले हैं कि अमृतसार के साथ लगती भारत-पाक सीमा पर अतिरिक्त जवानों को तैनात कर दिया जाए। वहीं रात को पाकिस्तान की तरफ से आतंकी गतिविधियों पर पैनी नजर रखने के लिए सीमा पर लाइटों की अधिक व्यवस्था कर दी गई।