पूरे कागजात पुलिस व बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता को दे दिए गए हैं। जबकि लड़के की उम्र 18 साल 7 माह है। इसलिए ये शादी पूरी तरह से गलत है और कानून के खिलाफ है। क्योंकि लड़के की उम्र 21 साल नहीं है और लड़की बालिग है। उसने पुलिस को पूरे कागजात दिए, लेकिन पुलिस आरोपी लड़के के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। आरोपी उसकी बेटी के साथ पुलिस लाइन में पुलिस प्रोटेक्शन में रह रहा है।
उधर, बाल निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने कागजात की जांच की तो पता चला कि प्रेमी जोड़े ने गलत उम्र दिखाकर शादी की है। लड़का शादी के योग्य नहीं है। उन्होंने पुलिस से लड़के पर कार्रवाई की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस का कहना है कि लड़की बालिग है और लड़का 21 साल से कम है तो लड़की को दोषी और लड़के को पीड़ित माना जाएगा। इस पूरे मामले में बाल निषेध अधिकारी ने पुलिस से मांग की है कि लड़के पर बाल विवाह करने व शारीरिक संबंध बनाने की धाराओं में केस दर्ज होना चाहिए।
एसपी को रिपोर्ट भेज दी है : वीरेंद्र सिंह
लड़की की उम्र 18 से अधिक है। जबकि लड़के की उम्र 21 साल से कम है। उन्होंने लड़की को रिपोर्ट में दोषी व लड़के को पीड़ित रखा है। महिला ने जो मुकदमा दर्ज कराया था वह रद्द हो चुका है। उन्होंने एसपी को पत्र लिखकर पूरे मामले में कार्रवाई करने के लिए सलाह मांगी है। -वीरेंद्र सिंह, प्रभारी सदर पुलिस थाना
पुलिस को सेक्शन 9 के तहत कार्रवाई करनी चाहिए
ये शादी कानूनन गलत है। लड़के की उम्र 21 साल से कम है। बाल विवाह निषेध के कानून के तहत दोनों दोषी है और दोनों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। पुलिस को उनकी शिकायत पर मामले में कार्रवाई करनी होगी। पुलिस ने बिना काउंसिलिंग कराए दोनों को प्रोटेक्शन में रखा है। ये भी बिल्कुल गलत है। हाईकोर्ट से आने के बाद पुलिस को दोनों की उम्र का वेरीफिकेशन करना चाहिए था। -रजनी गुप्ता, जिला बाल निषेध अधिकारी पानीपत।