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रेवाड़ी गैंगरेपः पुलिस ने 32वें दिन पेश किया 594 पेज का चालान, 8 लोग बनाए गए आरोपी

Tue, 16 Oct 2018 09:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कनीना (महेंद्रगढ़)
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रेवाड़ी की छात्रा से गैंगरेप मामले में पुलिस ने वारदात के 32वें दिन अदालत में चालान पेश किया। सोमवार को एसएचओ अशोक सैनी ने एसडीजेएम कोर्ट में 594 पेज का चालान दाखिल किया। एडीजीपी साउथ रेंज श्रीकांत जाधव की ओर से गठित एसआईटी ने मामले में 38 लोगों को जांच में शामिल करके गवाह बनाया है। 

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केस की अगली सुनवाई 17 अक्तूबर को होगी। इसमें से चार आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग (वीसी) से और निशु की पेशी फिजिकली होगी। पेश चालान के मुताबिक छात्रा से गैंगरेप में आठ लोग शामिल थे। जिन्हें एसआईटी की ओर से गिरफ्तार किया गया था। इनमें से तीन आरोपियों निक्कू उर्फ नवीन, अभिषेक और मंजीत को जमानत मिल चुकी है। 

पांच आरोपियों निशु फोगाट, पंकज फौजी, मनीष, कोठडे़ के मालिक दीनदयाल और डॉ. संजीव न्यायिक हिरासत में हैं। एसआईटी हेड नूंह की एसपी नाजनीन भसीन ने बताया कि बीते 12 सितंबर को कनीना के नजदीकी एक गांव में छात्रा से गैंगरेप किया गया था। पुलिस ने बेहद कम समय में संलिप्त लोगों को काबू किया। छात्रा के परिजनों की मांग पर उन्हें पुलिस सुरक्षा प्रदान की गई है।  

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Gangrape - फोटो : फाइल फोटो
आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने के लिए पुलिस के पास 90 दिन का समय होता है। इस मामले में पुलिस ने तत्परता से काम कर चालान पेश किया। चालान की एक-एक प्रति सभी आरोपियों को दी जाएगी। इसके बाद चार्ज फ्रेम किया जाएगा। 

यह था मामला
कोचिंग जा रही नाबालिग छात्रा को आरोपी पकंज, मनीष, निशु कनीना से बाइक पर बैठाकर रेवाड़ी के एक खेत में बने कोठड़े में ले गए और छात्रा से गैंगरेप किया। छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर आरएमपी डॉक्टर को बुलाकर प्राथमिक उपचार भी कराया। छात्रा की हालत में थोड़ा सुधार होने पर आरोपियों ने छात्रा के परिजनों को फोन पर सूचना दी और छात्रा को कनीना बस अड्डे पर छोड़कर फरार हो गए।

 इसके बाद छात्रा के परिजन रेवाड़ी के महिला थाने में शिकायत देने गए तो उन्हें भगा दिया गया। शिकायत को भी फाड़कर फेंक दिया गया। पुलिस के आला अधिकारियों से शिकायत के बाद वारदात के दूसरे दिन जीरो एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद भी आरोपी गांव में घूमते रहे। दो दिन बाद एसआईटी का गठन किया गया। इसके बाद आरोपियों की धरपकड़ शुरू की गई। एक आरोपी निशु जल्दी पकड़ में आ गया, लेकिन पंकज फौजी और दूसरे आरोपी कई दिनों बाद पकड़ में आए।
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