अकाली दल और भाजपा के रिश्तों के बीच बढ़ती कड़वाहट के बाद अब अलगाव की आवाज बुलंद होने लगी है। भाजपा कोर ग्रुप की मंगलवार को हुई बैठक में पहली बार एकमत से शिअद से अलग होने की मांग उठी है।
कोर ग्रुप के लगभग सभी नेताओं ने हाईकमान को गठबंधन के मुद्दे पर पंजाब भाजपा का पक्ष साफ कर दिया है। बैठक में मौजूद प्रदेश प्रभारी प्रो. राम शंकर कठेरिया ने भी प्रदेश नेतृत्व को 2017 विधानसभा चुनाव की तैयारी करने के संकेत दिए।
भाजपा कोर कमेटी की बैठक करीब तीन घंटे चली। इनमें से दो घंटे तक अकाली दल से अलग होने पर ही चर्चा होती रही। निचले स्तर पर पहले भी नेता शिअद के खिलाफ भड़ास निकालते रहे हैं।
लेकिन यह पहला मौका है जब कोर ग्रुप ने शिअद से अलग होने की बात इतनी मजबूती से रखी है। इस कोर ग्रुप में भाजपा प्रदेश प्रधान, महासचिव, संगठन मंत्री, कैबिनेट मंत्री और पूर्व प्रधान शामिल हैं।
अकाली दल से अलग होने में भले की गुहार
सूत्रों के मुताबिक कोर ग्रुप के लगभग सभी सदस्यों का कहना था कि अब अकाली दल से अलग होने में ही भला है। सरकार में रहने से पार्टी के वोट बैंक को नुकसान हो सकता है। कोर ग्रुप की मीटिंग में दूसरा अहम मुद्दा स्थानीय निकाय चुनाव का रहा।
इसमें भी सभी नेता इस बात पर एकमत थे कि पार्टी को इस बार चुनाव में ज्यादा सीटों पर लड़ना चाहिए। वहीं, नेताओं का यह भी कहना था कि छह नगर निगमों में भाजपा को मेयर पद के लिए भी मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए।
पहली बार पंजाब दौरे पर आए कठेरिया ने यहां के नेताओं का पक्ष सुना और इस पर विचार करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने प्रदेश नेतृत्व को इशारा दे दिया है कि वे 2017 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटें।
अलगाव से पहले तैयार करो जमीन
प्रदेश भाजपा प्रभारी प्रो. राम शंकर कठेरिया ने प्रदेश के नेताओं को यही मंत्र दिया है कि अगर वे गठबंधन तोड़ना चाहते हैं तो पहले जमीन तैयार करें। कोर ग्रुप के बाद कथेरिया ने प्रदेश कार्यकारिणी के साथ बैठक की।
इस दौरान भाजपाइयों ने अकाली दल के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। पदाधिकारियों ने अपने-अपने जिलों के मुद्दे उठाए। सभी का यही कहना था कि सरकार और प्रशासन में उनकी कोई सुनवाई नहीं होती है। इससे उनके वोट बैंक का काफी नुकसान हो रहा है। इस पर कठेरिया ने पदाधिकारियों से पूछा कि वे क्या चाहते हैं।
कोर ग्रुप के बाद प्रदेश कार्यकारिणी ने भी कहा कि शिअद से अलग होकर लड़ना चाहिए। इस पर कठेरिया ने कहा कि अगर ऐसा है तो पहले उसके लिए जमीन तो तैयार करो। जिलास्तर पर संगठन को मजबूत करो, सदस्यता बढ़ाओ, तभी पार्टी अकेले लड़ने की स्थिति में हो सकेगी।
शिअद को उसी के स्टाइल में दो जवाब
प्रदेश पदाधिकारियों ने भी कहा कि निकाय चुनाव में ज्यादा सीटें मांगनी चाहिए। कठेरिया ने इसमें हाईकमान के दखल से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अपने स्तर पर हक मांगो और आपसी बातचीत से टिकटों का विवाद सुलझाओ।
एक नेता ने कहा कि शिअद उनके वार्डों में आजाद उम्मीदवार खड़ा करें तो क्या करें। कथेरिया ने कहा कि उसी स्टाइल में इसका जवाब दो।