हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज
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सूबे के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने दंगों की जांच के लिए गठित प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने कहा है कि यह रिपोर्ट कोई गीता का अध्याय नहीं है कि जो प्रकाश सिंह ने लिख दिया वही सब ठीक हो। यह रिपोर्ट अधूरी है और सूचनात्मक है।
खाली एक घटना से किसी पर तलवार नहीं लटकाई जा सकती। जरूरी नहीं है कि सभी दोषी हों, उनके पिछले रिकार्ड को भी देखा जाना चाहिए। मंत्री बृहस्पतिवार को हेल्थ विवि रोहतक के स्थापना समारोह में शिरकत करने पहुंचे थे।
ओपीडी में पत्रकारों से बात करते हुए विज ने कहा कि कमेटी रिपोर्ट पर कमेटी के दो अन्य सदस्य के. पी. सिंह और विजयवर्धन के भी हस्ताक्षर होने चाहिए। 5 जून को घोषित जाट आंदोलन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि हमने आरक्षण दिया।
अब कोर्ट ने सवाल उठाया है तो वहीं कानूनी लड़ाई लड़नी चाहिए। आरक्षण के नाम पर किस बात का आंदोलन। सरकार भी कोर्ट में अपना पक्ष रखेगी। जब मामला कोर्ट में है तो सड़कों पर आंदोलन क्यों। यदि कोई हंगामा करने की कोशिश करता है तो सरकार बिल्कुल तैयार है। प्रदेश में एक पत्ता भी नहीं हिलने दिया जाएगा।