17 बार हुई परेड में से केवल नौ बार पंजाब की झांकी को जगह मिली है लेकिन तब पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने इस पर कभी राजनीति नहीं की। झांकी शामिल न होने से पंजाब का अपमान वाली कोई बात नहीं है। यह विरोध जताकर मुख्यमंत्री मान तो केजरीवाल के आदेश को पूरा कर रहे थे।
सीएम मान ने बुधवार को एलान किया था कि पंजाब में गणतंत्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों में झांकी को दिखाया जाएगा। इसमें स्लोगन 'केंद्र द्वारा रद्द' लिखा जाएगा। अब इस पर जाखड़ ने कहा कि अगर सीएम मान रद्द हुई झांकी को 26 जनवरी को पंजाब के लोगों के बीच लेकर जाएंगे तो पंजाब भाजपा भी अपनी झांकी निकालेगी। इसमें पंजाब की जेलों में फोन और गैंगस्टरों के इंटरव्यू जैसे मुद्दे को दर्शाया जाएगा।
सुखबीर ने पीएम से की दखल देने की मांग
शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड में पंजाब की झांकी को शामिल नहीं करने पर निराशा जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने की मांग की।
सुनील जाखड़ ने झांकी पर मीडिया में झूठ बोलाः आप
पंजाब भाजपा के प्रधान सुनील जाखड़ के बयान पर पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने गुरुवार को कहा कि सुनील जाखड़ ने गणतंत्र दिवस झांकी को लेकर झूठ बोला है। झांकी में मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की कहीं कोई फोटो नहीं है।
जाखड़ के बयान कि पिछले मुख्यमंत्रियों ने इस पर कभी सवाल खड़ा नहीं किया। इस पर कंग ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल पंजाब की विरासत को लेकर गंभीर नहीं थे लेकिन वर्तमान मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंजाब की संस्कृति और विरासत की चिंता है। जाखड़ का बयान कि झांकी से पंजाब का मजाक बन जाता, पर कंग ने सवाल किया कि देश के लिए जान देने वाले भगत सिंह और करतार सिंह सराभा जैसे शहीदों की झांकी दिखाने से मजाक कैसे बन जाता? देश का मजाक अंग्रेजों से माफी मांगने वाले सावरकर जैसे लोगों से होता है। शहीद भगत सिंह और सराभा जैसे लोगों से नहीं। भाजपा अंग्रेजों से माफी मांगने वाले सावरकर को अपना आइकन मानती है, इन्हें भगत सिंह और करतार सिंह सराभा से दिक्कत है।
कंग ने कहा कि भाजपा वह पार्टी है जो आजादी की लड़ाई के समय अंग्रेजों के साथ थी और उसकी मातृसंस्था आरएसएस ने कई साल तक तिरंगे झंडे को नहीं माना। ये बातें शायद सुनील जाखड़ को याद नहीं हैं क्योंकि वे अभी नए-नए भाजपा में आए हैं। इतने बड़े इवेंट में पंजाब के साथ दो बार भेदभाव किया गया, जबकि पंजाबियों ने देश के लिए सबसे ज्यादा शहादतें दी हैं। देश की आजादी के लिए भी और आजादी के बाद भी। फिर भी पंजाब के साथ भेदभाव से पता लग रहा है कि भाजपा की असली मंशा क्या है।