भाजपा के इंदर इकबाल अटवाल ने भरा नामांकन।
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भारतीय जनता पार्टी के नेता इंदर इकबाल सिंह अटवाल ने जालंधर लोकसभा उपचुनाव के लिए मंगलवार को नामांकन दाखिल किया। लोकसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर चरणजीत सिंह अटवाल के बेटे इंदर इकबाल सिंह अटवाल को बुधवार रात भाजपा की तरफ से उम्मीदवार घोषित किया गया था। उससे तीन दिन पहले ही अटवाल भाजपा में शामिल हुए थे। वह शिरोमणि अकाली दल से विधायक रह चुके हैं और वाल्मीकि मजहबी सिख परिवार से हैं।
उनके जरिए पार्टी ग्रामीण इलाकों में घुसने की तैयारी में है। इंदर इकबाल अटवाल के पिता चरणजीत सिंह अटवाल ने 2019 में जालंधर से लोकसभा चुनाव लड़ा था, तब वह 19 हजार मतों से कांग्रेस के चौधरी संतोख सिंह से हार गए थे।
इंदर इकबाल ने भाजपा में शामिल होने के बाद कहा कि वह पीएम मोदी की नीतियों से प्रभावित हो कर यहां आए हैं। पीएम ने दलितों, सिखों और गरीबों को पूरा सम्मान दिया है। सिख श्रद्धालुओं के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल कर ऐतिहासिक काम किया। आंबेडकर की 125वीं पुण्यतिथि पर संसद का विशेष सत्र बुलाया। पहली बार संयुक्त राष्ट्र में आंबेडकर का जन्मदिन मनाया गया। उन्होंने कहा, मैं बतौर भाजपा का सिपाही पार्टी में दलितों के उत्थान के लिए काम करूंगा।
सिरसा और हरदीप पुरी ने तैयार की रणनीति
पार्टी के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इंदर इकबाल अटवाल को पार्टी ज्वाइन करवाई गई तो स्थानीय नेताओं को इसकी भनक तक नहीं लगी। पार्टी के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा व राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ जरूर मौजूद रहे। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि दिल्ली में भाजपा के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के अलावा केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ही अटवाल को पार्टी में लाने का पूरा प्लान तैयार किया।