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Haryana Budget 2023: भूपेंद्र हुड्डा बोले- बजट से हर वर्ग निराश, किसान-मजदूर और गृहिणी विरोधी

Thu, 23 Feb 2023 08:07 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हुड्डा ने कहा कि कृषि क्षेत्र की बात करें तो सरकार ने इस पर 7342 करोड़ रुपये खर्च का एलान किया है। यह कुल बजट का सिर्फ 3.9 फीसदी है जबकि हरियाणा की 60 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी के लिए 4 प्रतिशत से भी कम खर्च करना अन्याय है।
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भूपेंद्र सिंह हुड्डा। - फोटो : @BhupinderShooda
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विस्तार
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बीजेपी-जेजेपी सरकार के बजट पर निराशा जाहिर की है। उनका कहना है कि ये बजट किसान, मजदूर, कर्मचारी, छोटा व्यापारी, ग्रामीण, शहरी, गरीब, मध्यम वर्ग, युवा और गृहिणी विरोधी है। बजट ने हर वर्ग को खाली हाथ छोड़ दिया है। मौजूदा सरकार ने बजट को सिर्फ भाषणबाजी बनाकर रख दिया है। बजट में जो बोला जाता है, उसको कभी जमीन पर उतारा ही नहीं जाता। 

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सरकार बजट को सिर्फ औपचारिकता समझती है। वह इसमें किए गए वादों को लागू करने के बारे में कभी गंभीरता नहीं दिखाती। हुड्डा ने कहा कि सरकार ने शिक्षा पर 20,340 करोड़ रुपये खर्च करने का एलान किया है जो कि जीडीपी का महज 2 प्रतिशत है। जबकि नई शिक्षा नीति 6 प्रतिशत खर्च करने की सिफारिश करती है। इसी तरह सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं पर 9,647 करोड़ रुपए खर्च करने का एलान किया है जो कि बजट का सिर्फ 5.2 फीसदी है। जबकि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 में साल 2020 तक ही स्वास्थ्य सेवाओं पर 8 प्रतिशत खर्च की सिफारिश की गई थी। 

कृषि क्षेत्र की बात करें तो सरकार ने इस पर 7342 करोड़ रुपये खर्च का एलान किया है। यह कुल बजट का सिर्फ 3.9 फीसदी है जबकि हरियाणा की 60 फीसदी आबादी कृषि पर निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी के लिए 4 प्रतिशत से भी कम खर्च करना अन्याय है। यही नहीं यह बजट किसानों की आय दोगुनी करने के वादे पर भी पूरी तरह खामोश है। सरकार का यह रवैया उसकी किसान और कृषि विरोधी नीति को दर्शाता है।
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श्वेत पत्र जारी करने की मांग
बजट से स्पष्ट हो गया है कि सरकार पर कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार ने 2,85,885 करोड़ तक कुल आंतरिक कर्ज का लक्ष्य रखा है। इस बार सरकार 64,840 करोड़ रुपये का लोन लेने जा रही है। बढ़ते कर्ज की वजह से उसके मूल और ब्याज को देने में ही सरकार को 56,769 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। 

ब्याज व मूल का भुगतान करने के बाद सरकार के पास पूंजीगत व्यय के लिए सिर्फ 8071 करोड़ रुपये ही बचते हैं। यानी सरकार कर्ज लेकर कर्ज उतारने का खेल खेलने में लगी है। इसलिए कांग्रेस की मांग है कि सरकार बढ़ते कर्ज पर श्वेत पत्र जारी करे ताकि जनता को कुल आंतरिक ऋण, सार्वजनिक खाता जमा (लघु बचत) और सरकार की गारंटी पर लिए गए ऋण (पीएसयू द्वारा लिया गया ऋण) की स्पष्ट जानकारी मिल सके।

जनता पर कर का कोई नया बोझ बढ़ाए बिना और अंत्योदय की भावना के साथ सर्वजन हिताय का बजट पेश करने के लिए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और उनकी टीम को बधाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के ध्येय के साथ कार्य करने हेतु हम प्रतिबद्ध हैं। बिप्लब कुमार देब, हरियाणा भाजपा प्रभारी।

यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि हरियाणा के हर अंत्योदय परिवार का है। अमृतकाल का पहला बजट गांव-शहर के समग्र विकास और अंत्योदय उत्थान के संकल्प को समर्पित है। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास के प्रण के साथ पेश किया गया बजट हरियाणा की अर्थव्यवस्था को बल देगा। मनोहर लाल, मुख्यमंत्री।

वर्ष 2023-24 के वित्तीय बजट से प्रदेश में जहां उद्योगों में निवेश बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी, वहीं सड़क एवं रेलवे का आधारभूत ढांचा भी मजबूत होगा। उद्योगों के लिए विशेष रियायतें देकर बाहरी निवेशकों को राज्य में उद्योग लगाने के लिए आमंत्रण दिया गया है। उद्योगों से प्रदेश में रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी होगी और राजस्व में भी वृद्धि होगी। -उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला।

1 लाख 83 हजार करोड़ का बजट हवा हवाई है। मौजूदा बजट में से 60 प्रतिशत कर्मचारियों को वेतन देने में और 20 प्रतिशत कर्जे का ब्याज देने में चला जाएगा। बाकी बचे 20 प्रतिशत में प्रदेश का भला कैसे हागा। इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए मौजूदा सरकार को और लोन लेना होगा। सरकार ने चार साल पहले बोला था कि हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे लेकिन आज तक इस पर कोई अमल नहीं हुआ। - कैप्टन अजय यादव, पूर्व वित्त मंत्री, हरियाणा।

यह बजट जनहितैषी, राज्य के समग्र विकास, सभी वर्गों के लिए कल्याणकारी और हरियाणा को बुलंदियों के पथ की ओर अग्रसर करने वाला है। हरियाणा की जनता पर कोई नया कर न लगाना, बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोतरी, एसवाईएल निर्माण के लिए बजट, हिसार को एलिवेटेड रोड की सौगात सहित राज्य के हर वर्ग व हर क्षेत्र के चहुमुखी विकास का बेहतरीन रोड मैप जारी कर ‘सबका साथ-सबका विकास’ को दर्शाया है। - कुलदीप बिश्नोई, पूर्व सांसद एवं भाजपा नेता।

यह एक नागरिक अनुकूल और जन-कल्याण का बजट है। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थान और ग्रामीण विकास के निरंतर विकास और उत्थान पर जोर दिया है। प्रत्येक जिला परिषद में अलग इंजीनियरिंग विंग की शुरूआत होगी, जिससे ग्रामीण विकास को बल मिलेगा। गांवों में स्थापित सभी 700 पार्क एवं व्यायामशालाओं को आयुष्मान स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों में तबदील किया जाएगा। - देवेंद्र बबली, पंचायत मंत्री, हरियाणा।
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संतुलित, समावेशी और समृद्धि की ओर ले जाने वाला हरियाणा का अमृत काल का यह पहला बजट है। प्रधानमंत्री की नीतियों के अनुरूप गरीब समर्थक और अंत्योदय को प्रोत्साहित करने वाला यह बजट पूरे हरियाणा के लिए हितकारी साबित होगा। बुजुर्गों की पेंशन में बढ़ोत्तरी, 29 लाख से ज्यादा परिवारों को मुफ्त इलाज की सुरक्षा, उद्योग जगत को बढ़ावा, किसान कल्याण और मेट्रो लिंक की सौगात सराहनीय है। - ओमप्रकाश धनखड़, अध्यक्ष, हरियाणा भाजपा।

बजट दिशाहीन है। इससे किसानों, युवाओं, व्यापारियों, गरीबों, महिलाओं समेत तमाम वर्गों को निराशा मिली है। सरकार सिर्फ हरियाणा प्रदेश को कर्ज में धकेलने का कार्य कर रही है। पिछले आठ वर्षों में किए गए वादे ही आज तक पूरे नहीं किए गए हैं। अभी तक बुजुर्गों की पेंशन सिर्फ 2750 की गई जबकि वादा 5100 रुपये करने का था। प्रदेश का कर्ज लागतार बढ़ता जा रहा है। सीएम बताएं कि यह पैसा कहां-कहां खर्च हुआ है। - कुमारी सैलजा, राष्ट्रीय महासचिव, कांग्रेस।

बजट में आंकड़ों की बाजीगरी करने के अलावा कुछ नहीं: अभय
गठबंधन सरकार ने बजट में आंकड़ों की बाजीगरी के अलावा कुछ नहीं किया। बुजुर्गों की पेंशन में पिछले साल 250 रुपये की बढ़ोतरी न करके प्रत्येक बुजुर्ग का तीन हजार रुपये का आर्थिक नुकसान किया है। पिछले साल के मुकाबले कुल बजट में जो 11 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई है, वह वास्तव में 3.63 प्रतिशत की वृद्धि है, क्योंकि पिछले साल का बजट अनुमान को संशोधित किया गया था। -अभय सिंह चौटाला, इनेलो विधायक।
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