पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एससी/एसटी एक्ट में दर्ज मामले में अग्रिम जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका को खारिज करते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में सीधे हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल नहीं की जा सकती है।
करनाल निवासी विनोद बिंदल ने हाईकोर्ट को बताया कि वह पत्रकार है और पुलिस व मार्केटिंग बोर्ड को लेकर खबरें लिखता आ रहा है। इन खबरों के कारण ही उसे झूठे मामले में फंसा कर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई।
याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि 19 अक्तूबर को उस पर दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत दी जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि एससी/एसटी एक्ट के तहत जमानत के लिए स्पेशल कोर्ट का प्रावधान है। याची को पहले वहां जाना चाहिए था। याची ने सीधा हाईकोर्ट को रुख किया जो गलत है। ऐसे में हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए निचली अदालत में जमानत याचिका दाखिल करने की छूट दे दी।