पाकिस्तान को संवेदनशील गुप्त सूचनाएं पहुंचाने के आरोपी फौजी को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने हरियाणा पुलिस की खराब जांच व याची की ढाई साल से अधिक की लंबी हिरासत को आधार बनाते हुए उसे जमानत दी।
हरियाणा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर अंबाला के नारायणगढ़ से 14 अक्तूबर 2021 को एफआईआर दर्ज कर याची को गिरफ्तार किया था। याची के पास से दो मोबाइल बरामद कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया था। पुलिस के अनुसार याची पाकिस्तान को संवेदनशील सूचनाएं पहुंचाता था और इसके बदले पैसा उसके पिता के खाते में जमा होता था।
इस मामले में नियमित जमानत की मांग को लेकर याची ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। याची ने दलील दी थी कि उसके मोबाइल में ऐसी कोई सामग्री नहीं मिली जिससे यह साबित होता हो कि वह पाकिस्तान से किसी भी तरह से जुड़ा था। इसके साथ ही जिसने उसके पिता के खाते में पैसे जमा करवाए थे उसका पाकिस्तान से कोई संबंध पुलिस साबित नहीं कर सकी है।
याची ने कहा कि उसके पिता के खाते में केवल 15 हजार जमा करवाए गए थे जो पुलिस की कहानी को झूठा साबित करता है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में पुलिस याची के खिलाफ कोई भी सबूत पेश करने में नाकाम रही है। मोबाइल 2021 में फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए थे और जांच मई 2024 में आरंभ की गई। इस देरी का भी कोई स्पष्टीकरण मौजूद नहीं है। ऐसे में जांच में खामी और याची की ढाई साल से अधिक की लंबी हिरासत को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने याची को नियमित जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।