हरियाणा सरकार ने किसानों की सहमति से सात परियोजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए 311 एकड़ भूमि खरीद को अंतिम रूप दिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई हाई पावर लैंड परचेज कमेटी (एचपीएलपीसी) की बैठक में खरीद को मंजूरी दी गई।
छह जिलों रेवाड़ी, नूंह, सिरसा, फरीदाबाद, सोनीपत और जींद में सात परियोजनाओं की स्थापना के लिए 172 करोड़ रुपये से यह जमीन खरीद की जाएगी। बैठक में जमीन देने पर सहमति जताने वाले भू-मालिक भी मौजूद रहे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें), हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड और जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों के सभी सातों परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
रेवाड़ी जिले में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निर्माण के लिए लगभग 200 एकड़ भूमि की आवश्यकता है, जिसमें से शुक्रवार को ई-भूमि पोर्टल के माध्यम से लगभग 140 एकड़ भूमि निजी भूमालिकों से बातचीत के बाद खरीदी है। जबकि लगभग 60 एकड़ भूमि पंचायत भूमि है।
भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिकार (हरियाणा संशोधन) विधेयक, 2021 को विपक्ष के किसान विरोधी बताने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यक और आपातकालीन विकास परियोजनाओं को सुचारू रूप से पूर्ण करने के लिए यह विधेयक पारित किया गया है। अब आवश्यक और आपातकालीन परियोजनाओं के मामलों में सोशल इम्पेक्ट के बिना भूमि अधिग्रहण किया जा सकेगा। मुआवजा में कोई कमी नहीं की गई है। अभी लंबी प्रक्रिया होने के कारण विभिन्न विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी होती है।
भूमि मिलने से ये परियोजनाएं चढ़ेंगी सिरे
- रेवाड़ी में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की स्थापना
- नूंह जिले में चार लेन मेडिकल कॉलेज रोड से गुरुग्राम-अलवर रोड (एनएच 248 ए) तक रिंग रोड का निर्माण
- सिरसा में अतिरिक्त अनाज मंडी का विकास
- सेंट्रल रोड फंड की अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी योजना के तहत यमुना नदी पर जसना मंझावली अट्टा गुजरान होते हुए ग्रेटर नोएडा के लिए सड़क और पुल का निर्माण
- सोनीपत जिले में गन्नौर रेलवे स्टेशन के पास दिल्ली-अंबाला सेक्शन में दो लेन आरओबी का निर्माण
- सिरसा जिले में महाग्राम योजना के तहत चौटाला गांव में सीवरेज सिस्टम एसटीपी का निर्माण
- जींद में नहर आधारित जलापूर्ति योजना का निर्माण