केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को चंडीगढ़ आए थे। उन्होंने मनीमाजरा में 24 घंटे पानी परियोजना का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में शहर के मेयर और सांसद शामिल नहीं हुए। इसके अलावा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने भी कार्यक्रम से किनारा किया।
वहीं, मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार किया क्योंकि यह परियोजना जनता पर बोझ है। किसी भी शहरवासी ने 24 घंटे पानी देने की मांग नहीं की। भाजपा जबरदस्ती इस प्रोजेक्ट को शहरवासियों पर थोप रही है और करोड़ों रुपये बर्बाद कर रही है। अगर शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी की सुविधा मिल जाए तो इससे उनकी गृहस्थी आसान हो जाएगी और आर्थिक बोझ भी कम होगा।
मेयर ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह के चंडीगढ़ आगमन से शहरवासियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। उनके दौरे से फायदा नहीं बल्कि नुकसान ही हुआ। कई सड़कें बंद रहीं, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। कार्यक्रम पर काफी पैसा बर्बाद किया गया। इस पैसे से शहरवासियों के लिए कई कल्याणकारी कार्य किए जा सकते थे। गृहमंत्री के आगमन के कारण राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव भी प्रशासन ने स्थगित कर दिया।
नाम न लिखना समस्त चंडीगढ़ वासियों का अपमान
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 24 घंटे के जल पायलट प्रोजेक्ट के उद्घाटन कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र पर उनका और चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी का नाम नहीं लिखा गया। नाम न लिखना समस्त चंडीगढ़ वासियों का अपमान है। बीजेपी अभी तक मेयर चुनाव और लोकसभा चुनाव हारने के सदमे से उबर नहीं पाई है, जिसके कारण वह प्रशासन के अधिकारियों द्वारा इस तरह की कार्रवाई कर रही है।