पंजाब के लुधियाना में दो वकील भाइयों ने दिवाली की रात थाना हैबोवाल पुलिस पर थाने में बंद कर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। दोनों का आरोप है कि उन्हें पुलिस ने बेरहमी से पीटा है, जिससे उनके शरीर पर चोट के निशान हैं। मामले के अनुसार थाना हैबोवाल पुलिस ने पीड़ित वकील भाइयों समेत पांच के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्जकर गिरफ्तार किया है।
इन्हें शनिवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां दोनों भाइयों ने जज के सामने अपनी व्यथा बताई। इसके बाद उन्हें तुरंत जमानत दे दी गई और मेडिकल करवाने के आदेश जारी किए। वहीं इस मुद्दे को लेकर जिला बार एसोसिएशन ने सोमवार को जनरल हाउस की बैठक बुलाई है।
थाना हैबोवाल में तैनात एएसआई शाम सिंह का कहना है कि दिवाली की रात को उन्हें सूचना मिली कि बच्चन सिंह नगर में दो पक्षों का झगड़ा हो गया है। उन्होंने पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। इस दौरान एडवोकेट मोहित चांदी, उसका भाई सिद्धार्थ चांदी, सरपंच नरिंदर सिंह, वरिंदर सिंह व भूपिंदर सिंह उसके पीछे पड़ गए। आरोपियों ने वर्दी फाड़ डाली। इस पर आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 506, 186, 323 के तहत मामला दर्ज किया है।
पीड़ित एडवोकेट सिद्धार्थ चांदी ने बताया कि वह भाई के साथ घर पर था, जब उसने शोर सुना तो घर के बाहर आए। दो पक्षों में विवाद चल रहा था, इसमें सरपंच नरिंदर सिंह घायल हो चुका था। वह सरपंच नरिंदर सिंह को अस्पताल में मेडिकल करवाने लेकर गए। मेडिकल रिपोर्ट लेकर थाना हैबोवाल पहुंचे। वहां पर पुलिस कर्मचारी शराब के नशे में थे।
उन्होंने उनके मोबाइल फोन छीन लिए। जब उन्होंने इस बात का विरोध किया तो उन्हें थाने में बंद कर दिया गया। उन पर पुलिसवालों ने जमकर लाठियां भांजी, यहां तक उनके मुंह में जुराबें तक डाली गईं। शनिवार को जब उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया तो थर्ड डिग्री टॉर्चर के बारे में जज को बताया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट परश्मीत ऋषि ने उनकी बात सुनके के बाद जमानत पर रिहा किया और मेडिकल करवाने को कहा।
सोमवार को बार एसोसिएशन की जनरल हाउस की बैठक होने जा रही है, इसमें वह अपनी बात रखेंगे, ताकि आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हो सके। उधर लॉयर्स ब्रिगेड प्रधान एडवोकेट संजीव मल्होत्रा ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कोर्ट परिसर में आने पर पुलिस को लिफ्ट और पार्किंग का उपयोग करने की इजाजत नहीं दी जाती है।