मुख्य सचिव ने बताया कि 18.35 करोड़ की लागत से 2623 लड़कियों के शौचालयों की मरम्मत और 2.72 करोड़ की लागत से लड़कियों के लिए नए 215 शौचालय बनाने, विशेष बच्चों के लिए 17.52 करोड़ की लागत से 876 शौचालय बनाने और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 29.58 करोड़ रुपये की लागत से 2190 सोलर पैनल लगाने का एक्शन प्लान बनाया गया है।
दो साल में 30 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां देने के लिए 182.06 करोड़ और साढ़े 14 लाख विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें देने के लिए 44.86 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। इसी तरह दो साल के लिए पुस्तकालयों पर 32.91 करोड़ और खेल व शारीरिक शिक्षा पर 20.90 करोड़, रानी लक्ष्मी बाई आत्मरक्षा परीक्षण के लिए 18.66 करोड़ और किशोर अवस्था की लड़कियों की शिक्षा के लिए 1.47 करोड़ रुपये का एक्शन प्लान बनाया गया है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और एजुसेट प्रणाली को मजबूत करने के लिए सभी 19120 सरकारी स्कूलों को चरणबद्ध इंटरनेट सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए बीएसएनएल से आपसी सहमति का समझौता किया गया है। पहले चरण में 6300 सरकारी स्कूलों को इंटरनेट मुहैया करवाया जाएगा। इसके अलावा लड़कों के शौचालयों, रेन वाटर हारवेस्टिंग, साइंस लैब, आर्ट क्राफ्ट रूम, पुस्तकालय रूम, परिवहन, इन सर्विस टीचर प्रशिक्षण, आईसीटी के लिए भी बजट मंजूर किया गया है।
इस बैठक में विशेष मुख्य सचिव (सामाजिक सुरक्षा और महिला एवं बाल विकास) राजी पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव (रोजगार उत्पत्ति) जसप्रीत तलवार, प्रमुख सचिव (वित्त) एके सिन्हा, सचिव (शिक्षा) कमल किशोर यादव, सचिव (योजना) अमित ढाका, महानिदेशक (स्कूल शिक्षा) विनय बुबलानी, निदेशक (ग्रामीण विकास एवं पंचायत) कंवलप्रीत कौर ने भी हिस्सा लिया।