लांबा ने बताया कि चंडीगढ़ में कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। आठ अक्तूबर को मुख्य कार्यक्रम होगा। फ्लाईपास्ट के लिए वायुसेना की तरफ से एक महीने पहले अभ्यास शुरू कर दिया जाएगा। सितंबर माह में लोगों को शहर में विमानों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेना के प्रमुख मौजूद होंगे।
सचिन और कपिल देव समेत कई हस्तियां पहुंचेंगी
पीएस लांबा ने बताया कि वायुसेना दिवस के कार्यक्रम के लिए 100 के करीब विमान करतब दिखाएंगे। वायुसेना की तरफ से परेड भी होगी और सभी मशहूर शो होंगे। एयरफोर्स में जिन्हें भी राष्ट्रपति की तरफ से अवार्ड मिला है, उन्हें चीफ एयर मार्शल की तरफ से कार्यक्रम के दौरान ही अवार्ड सौंपा जाएगा। करीब एक घंटे का फ्लाईपास्ट होगा। इसमें फाइटर एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, चिनूक सभी तरह के विमान होंगे।
वायुसेना की तरफ से जिन्हें भी ऑनरेरी रैंक दी गई है, उन सभी को आमंत्रित किया जाएगा। वर्ष 2010 में भारतीय वायुसेना ने सचिन तेंदुलकर को ग्रुप कैप्टन की उपाधि दी थी इसलिए वह भी कार्यक्रम में उपस्थित होंगे। उनके अलावा कपिल देव समेत कई नामी लोग मौजूद रहेंगे। लांबा ने बताया कि पूरा कार्यक्रम करीब दो घंटे का होगा। चंडीगढ़ के बाद अगला वायुसेना दिवस जोधपुर में मनाया जाएगा।
आठ अक्तूबर को मनाते हैं भारतीय वायुसेना दिवस
आधिकारिक तौर पर ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा आठ अक्तूबर 1932 को भारतीय वायुसेना की स्थापना हुई थी क्योंकि उस समय भारत पर अंग्रेजों का शासन था। वायुसेना का प्राथमिक मिशन संघर्ष के समय में भारतीय हवाई क्षेत्र को सुरक्षित करना और हवाई गतिविधियों का संचालन करना है। भारतीय वायुसेना की पहली उड़ान एक अप्रैल 1933 को अस्तित्व में आई थी। ब्रिटिश शासन में वायुसेना को ‘रॉयल इंडियन एयर फोर्स’ कहा जाता था। आजादी के बाद इसे भारतीय वायुसेना में बदल गया। भारत के राष्ट्रपति के पास वायुसेना के सर्वोच्च कमांडर का पद होता है।