उन्होंने यह भी कहा कि मालवा के नरमा पट्टी वाले किसानों को खराब फसल का मुआवजा व भारी बारिश से बर्बाद धान और बासमती की विशेष गिरदावरी का काम मुकम्मल कर लिया गया है। जल्द ही किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को नकली बीजों की मार से बचाने के लिए नई बीज नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत पंजाब के अलावा अन्य सूबों वाले डीलरों, बीज विक्रेताओं को पंजाब में बीजों की सप्लाई और बिक्री के लिए कृषि विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य है। पराली के उचित प्रबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की तरफ से किसानों, पंचायतों, सरकारी अदारों को खेती से संबंधित मशीनरी पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देने के सार्थक नतीजे निकले हैं।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की रिपोर्ट के अनुसार इस बार पराली को आग लगाने के मामले पिछले साल की अपेक्षा 55 प्रतिशत कम हुए हैं। उन्होंने कॉलेज में विद्यार्थियों के साथ विचार चर्चा दौरान उनके बेरोजगारी, नौकरियों की कमी और विदेश जाने के रुझान के सवालों के जवाब भी दिए। इस चर्चा में पूर्व सांसद संदीप दीक्षित, यूथ कांग्रेस के सचिव गौतम सेठ, कॉलेज निदेशक डॉ. सतीश कपूर व प्रिंसिपल अर्चना गर्ग ने भाग लिया। इससे पहले कृषि मंत्री को स्थानीय रेस्ट हाउस में पंजाब पुलिस की एक टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। एसएसपी हरकमलप्रीत सिंह, एसडीएम डॉ. जयइंद्र सिंह ने प्रशासन की तरफ से कृषि मंत्री का स्वागत किया। इस मौके पर एसपी रमनीश कुमार, एसपी जसबीर सिंह व कृषि विभाग से संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।