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महंगाई की मार: मोहाली में पहली बार डीजल 100 रुपये के पार, पंचकूला व चंडीगढ़ में सस्ता, पेट्रोल पंप मालिकों को नुकसान

Fri, 29 Oct 2021 10:11 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली (पंजाब)

सार

त्योहारी सीजन में लोगों पर महंगाई की मार जारी है। पंजाब के मोहाली जिले में पेट्रोल 100 रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। मोहाली की अपेक्षा पंचकूला और चंडीगढ़ में रेट कम हैं। यही वजह है कि मोहाली के लोग भी इन दोनों शहर अपनी गाड़ी में ईंधन भरवाने जाते हैं और इसका नुकसान मोहाली के पेट्रोल पंप मालिकों को उठाना पड़ रहा है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
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विस्तार
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मोहाली में पेट्रोल के बाद शुक्रवार को डीजल भी 100 रुपये का आंकड़ा पार कर गया। ट्राइसिटी (चंडीगढ़-पंचकूला और मोहाली) में डीजल के यह सबसे ऊंचे दाम हैं। अब डीजल के दामों में हुई बढ़ोतरी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी है। इसका सीधा असर लोगों की जेब पर पड़ेगा। इससे लोगों का बजट बिगड़ना शुरू हो गया है। वहीं, पेट्रोल पंप मालिकों के कारोबार पर विपरीत असर पड़ रहा है।

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पेट्रोल पंप मालिक रोष में है। उन्होंने पहले ही सात नवंबर से संघर्ष पर जाने की चेतावनी दी है। जानकारी के मुताबिक वीआईपी जिले में पेट्रोल और डीजल के दामों में आग लगी हुई है। मोहाली में डीजल के दाम 100 रुपये 18 पैसे पर पहुंच गए हैं। जबकि चंडीगढ़ में डीजल की कीमत 96.73 रुपये प्रति लीटर और पंचकूला में 97 प्रति लीटर है। यही वजह है कि स्कूल बस ऑपरेटर भी बता चुके है कि उन्हें किराए में बढ़ोतरी करनी पड़ेगी। 

पेट्रोल पंप मालिकों के मुताबिक चार साल पहले 2017 में मोहाली के पेट्रोल पंपों की स्थिति थोड़ी अच्छी थी। रोजाना करीब 10 हजार लीटर तेल बेचते थे। जबकि अब तीन हजार लीटर का कारोबार रह गया है। इस संबंध में मोहाली पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के मालिक अशविदंर सिंह मोंगिया ने बताया कि मोहाली में चंडीगढ़ और पंचकूला की तुलना में पेट्रोल और डीजल के रेट काफी अधिक हैं। इस वजह से मोहाली के पंप मालिक घाटे में चल रहे हैं और उन्हें 70 फीसदी तक का नुकसान हो रहा है। मोहाली के पेट्रोल पंपों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनकी दलील है कि जब शराब के रेट ट्राइसिटी में एक समान करने की पहल हो सकती है तो पेट्रोल के रेट भी एक सामान होने चाहिए। 

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मोहाली में सबसे अधिक पंप और सबसे ऊंचा वैट

जानकारी के मुताबिक मोहाली में पेट्रोलियम पदार्थों के महंगे होने के पीछे की सबसे बड़ी वजह वैट की ज्यादा दर है। मोहाली में पेट्रोल पर वैट की दर 31.17 फीसदी है, जबकि डीजल पर 19.56 फीसदी है। पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की 22.45 फीसदी है और डीजल पर 14.03 फीसदी है। इसी तरह पंचकूला में पेट्रोल पर वैट की दर 26.25 फीसदी और डीजल पर 17.23 फीसदी है। जहां तक पेट्रोल पंपों की संख्या की बात करें तो भी इस मामले में मोहाली आगे है। मोहाली जिले में 68 पेट्रोल पंप हैं। जबकि चंडीगढ़ में 41 और पंचकूला में 40 पंप हैं। 

पेट्रोल-डीजल भरवाने चंडीगढ़ ज्यादा जाते हैं लोग 
ट्राइसिटी में सबसे सस्ते पेट्रोल-डीजल के दाम चंडीगढ़ में हैं। यहीं कारण है कि मोहाली और पंचकूला के लोग भी चंडीगढ़ से पेट्रोल या डीजल अपनी गाड़ियों में भरवाना पसंद करते हैं। इसका फायदा भी चंडीगढ़ के पेट्रोल पंप मालिकों को मिलता है। चंडीगढ़ में रोजाना करीब 18000 लीटर पेट्रोल और करीब 22000 लीटर डीजल बिकता है। जबकि पंचकूला में पेट्रोल करीब 5000 और डीजल करीब 8000 लीटर बिकता है। अगर बात मोहाली की करें तो यहां पर रोजाना सबसे कम करीब 800 लीटर पेट्रोल और 2500 लीटर डीजल बिकता है।

मोहाली के पेट्रोल पंप मालिक ने की थी आत्महत्या
साल 2018 में पेट्रोल पंप मालिकों ने भूख हड़ताल की थी। इस समय उनकी दलील थी कि मोहाली की अपेक्षा चंडीगढ़ और पंचकूला में पेट्रोल और डीजल काफी सस्ता है। इस वजह से उनका व्यापार खत्म हो गया है। लोग पेट्रोल-डीजल डलवाने सीधे चंडीगढ़ जाते हैं। इतना ही नहीं कुछ समय पहले मोहाली के एक नामी पेट्रोल पंप मालिक ने आत्महत्या कर ली थी। पेट्रोल पंप मालिकों का कहना है कि वह सरकार को कई बार इस चीज के बारे में बता चुके हैं लेकिन मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
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