हिमाचल प्रदेश में जिला हमीरपुर के भलवानी गांव में एक मध्य वर्गीय परिवार में 27 फरवरी 1959 को पैदा हुए पीसी शर्मा ने दसवीं तक की पढ़ाई अपने गांव में ही पूरी की। उच्चशिक्षा के लिए वे अमृतसर चले गए। यहां पर डीएवी कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की और अपनी प्रैक्टिस करने लगे। इस दौरान उन्हें सरकारी कार्यालयों में फैले भ्रष्टाचार का अहसास हुआ।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने जब वर्ष 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियम को लागू किया तो उन्होंने इस कानून का अच्छे से अध्ययन किया। इसके बाद आरटीआई एक्ट के तहत याचिकाएं दायर करनी शुरू कर दीं। पंद्रह साल पहले शुरू हुआ ये सफर अब दो हजार से ज्यादा आरटीआई याचिकाएं दायर करने तक पहुंच चुका है। हालांकि इस दौरान कई तरह की परेशानियां आई हैं और 22 से ज्यादा बार धमकी मिल चुकी है। बावजूद इसके उनका सफर जारी है।
आरटीआई एक्ट की मदद से इन प्रमुख मामलों को उठाया
- ट्रेनो में बच्चों के भीख मांगने के मामला उठाया
- हिमाचल प्रदेश में बंदरों की गिनती करवाई
- किसानों की फसलों संबंधी जानकारियां मांगकर फसलों को बर्बाद होने से बचाया
- आम जनता को सरकारी योजनाओं से अवगत करवाया
- रेलवे विभाग में छुट्टी स्कैम का पर्दाफाश किया
- स्पेशल कैजुअल लीव तथा टीएडीए स्कैम का पर्दाफाश किया
- आयकर विभाग में 115 बी.बी. सेक्शन लागू करवाया
- कस्टम विभाग के कुत्ते मारने वाले मामले का पर्दाफाश किया