कोरोना की दहशत में रिश्ते नाते तार-तार होने लगे हैं। जालंधर की एक घटना ने इंसानियत को फिर शर्मसार कर दिया है। कोरोना के मरीज को अस्पताल में भर्ती करा रिश्तेदार गायब हो गए और मौत के बाद कोई शव लेने भी नहीं आया। आखिरकार, प्रशासन ने करीब दो सप्ताह तक इंतजार करने के बाद गुरुवार को 50 वर्षीय कोरोना पीड़ित का अंतिम संस्कार कर दिया गया। प्रशासन का सहयोग 'आखिरी उम्मीद' संस्था ने किया।
जानकारी के मुताबिक जालंधर में कपूरथला रोड़ के रहने वाले निर्मल सिंह कोरोना संक्रमित हो गए थे। उन्हें कुछ रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती कराकर गायब हो गए। अगले ही दिन कोरोना पीड़ित ने दम तोड़ दिया। घर-परिवार का पता न चले, इसलिए परिवार वालों ने कोरोना पीड़ित का पता भी अधूरा दिया।
निर्मल सिंह की मौत के बाद तमाम रिश्तेदारों ने फोन भी स्विच ऑफ कर लिए। प्रशासन मृतक निर्मल सिंह के शव को शवगृह में रख रिश्तेदारों का इंतजार करता रहा लेकिन कोई नहीं आया। उनके बताए पते पर पुलिस भी भेजी गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। जब मृतक के परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली तो सिविल अस्पताल के डॉक्टर कामराज की देखरेख में 'आखिरी उम्मीद' संस्था की सहायता से व्यक्ति का अंतिम संस्कार करवाया गया।