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सर्वे में खुलासा: 87 फीसदी ब्लैक फंगस के मरीज शुगर से पीड़ित, स्टेरॉयड की वजह से हुईं ज्यादा मौतें

Fri, 18 Jun 2021 01:57 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब में स्वास्थ्य विभाग ने ब्लैक फंगस के संक्रमण को लेकर एक सर्वे कराया था। इस सर्वे में कई खुलासे हुए हैं। पंजाब में ब्लैक फंगस से मरने वाले लोगों में 88 फीसदी लोग कोरोना से पीड़ित थे। वहीं 86 फीसदी मृतकों ने स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया था। 
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ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोरोना संक्रमण के बीच पंजाब में ब्लैक फंगस भी लगातार पैर पसार रहा है। हाल ही में हुए सर्वे में यह खुलासा हुआ है कि राज्य में शुगर के मरीज ज्यादा संख्या में ब्लैक फंगस के शिकार हो रहे हैं। इनका प्रतिशत राज्य में 87 प्रतिशत मिला है, जबकि 80 प्रतिशत कोरोना संक्रमित इस रोग की चपेट में आए हैं। ब्लैक फंगस से 86 प्रतिशत उन संक्रमित लोगों की मौत हुई है, जो स्टेरॉयड लेते थे।

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पंजाब में ब्लैक फंगस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हालांकि इससे मरने वालों की संख्या अन्य राज्यों से काफी कम है। लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत पंजाब के स्वास्थ्य विभाग द्वारा हाल ही में ब्लैक फंगस को लेकर सर्वे कराया गया। इसमें खुलासा हुआ है कि 45 से 60 साल की उम्र के 38 प्रतिशत लोग ब्लैक फंगस के शिकार हुए हैं।

25 प्रतिशत केस 18 से 45 की उम्र और 36 प्रतिशत केस 60 साल से ज्यादा की उम्र वाले व्यक्तियों के हैं। मरने वाले 43 मरीजों में से 88 फीसदी कोविड से पीड़ित थे। 86 फीसदी मरीजों ने पहले स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया था। 80 फीसदी मरीज शुगर के मरीज थे।
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इन लक्षणों पर लें चिकित्सकीय सलाह
अगर किसी व्यक्ति की नाक बंद हो जाती है या नाक से काले रंग का डिस्चार्ज या मुंह के अंदर का रंग बदलता हुआ महसूस होता है तो उन्हें तत्काल चिकित्सक से मिलकर सलाह लेनी चाहिए। साथ ही जिन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है या फिर वे हाल ही में संक्रमित हुए हैं उन्हें स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने से परहेज करना चाहिए। 

पंजाब में इस रोग के लिए जरूरी इंजेक्शनों की आपूर्ति कम हो रही है। पंजाब सरकार की तरफ से केंद्र से फिर जरूरी इंजेक्शन की मांग की गई है। अभी राज्य में वैकल्पिक दवाओं पोसाकोनाजोल और इटराकोनजोल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर यह सर्वे कराया गया था। शुगर पीड़ितों को ब्लैक फंगस का ज्यादा खतरा है। हालांकि सरकार ने इस रोग को रोकने में बड़ी सफलता अर्जित की है। स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों के कारण इस रोग से होने वाली मौतों पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा चुका है। - बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री, पंजाब।

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