केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी उनसे मुलाकात कर उन्हें हौसला बंधाया था। आदित्य की माता इंदू व पिता शाम सुंदर ने बेटे के सकुशल घर आने पर भगवान का शुक्रिया अदा करने के बाद देश के प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि उनके घर में दीवाली जैसा माहौल है। यहां रिश्तेदारों व कॉलोनी निवासियों ने फूल मालाएं पहनाकर और फूलों की वर्षा कर आदित्य का स्वागत किया और भगवान का आभार व्यक्त किया कि आज आदित्य सकुशल उनके बीच है। परिजनों ने बधाई देने वालों का मुंह मीठा करवाया।
मुश्किलों का सामना कर मलोट पहुंचीं एकमदीप कौर
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रही एक और छात्रा भारत सरकार के प्रयासों से मलोट स्थित अपने घर पहुंची। उनके पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों ने छात्रा का स्वागत किया। एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की छात्रा एकमदीप कौर पुत्री हरप्रीत सिंह निवासी पुडा कालोनी मलोट ने बताया कि वह कोविड से करीब पौने तीन साल पहले वहां गई थी और खारकीव में रह रही थी।
अब जंग के हालातों के बीच अफरा-तफरी के माहौल के बाद वह 01 मार्च को अपनी तीन सहपाठी छात्राओं समेत खारकीव स्थित घर से पैदल चल पड़ी थीं। इस दौरान किसी से लिफ्ट लेकर वे मेट्रो स्टेशन तक पहुंचीं। माइनस डिग्री की ठंड और भारी परेशानियां झेलते हुए वे लोग पोलैंड की सरहद पर पहुंचे, जहां भारतीय एबेंसी ने उनको बस से एक होटल में पहुंचाया। वहां से फ्लाइट मिलने पर वह भारत पहुंचीं और देर रात अपने घर आईं। एकमदीप मलोट की तीसरी छात्रा हैं जो यूक्रेन से सकुशल अपने घर लौटी हैं। उधर, यूक्रेन-रूस की जंग में फंसे अमलोह व मंडी गोबिंदगढ़ के मेडिकल छात्रों की वतन वापसी होने वाली है।