अब चंडीगढ़ के कलाकारों पर प्रसिद्ध रंगकर्मी नादिरा बब्बर का रंग चढ़ने लगा है। लेखन हो या एक्टिंग नादिरा हर आर्ट अपने शिष्यों को सिखा रही हैं। चाहे वह डायलॉग डिलीवरी हो या फिर म्यूजिक और रिदम। नादिरा न तो थकती हैं न ही सामने बैठे स्टूडेंट्स को थकने देती हैं।
नादिरा बब्बर से ट्रेनिंग लेने के लिए करीब साठ स्टूडेंट पहुंच रहे हैं। थिएटर वर्कशाप में ट्रेनिंग लेने वाले अमन भोगल ने कहा कि ऐसी वर्कशाप मैंने पहले कभी अटेंड नहीं की। रंगकर्मी नादिरा बब्बर की खूबी है कि वह हरेक स्टूडेंट को समझती हैं।
दो दिन के दौरान ही उन्होंने काफी गहराई से स्टूडेंट्स को परखा है और उसको समझकर डेवलप कर रही हैं। अंजली के अनुसार नादिरा बब्बर से उनको दो दिन में ही काफी कुछ सीखने को मिला। गुरसिमरन ने कहा कि यह एक बेहतर मौका है जबकि स्टूडेंट्स को थिएटर की नई कला सीखने को मिल रही है।
चंडीगढ़ में स्टूडेंट्स को वह रिदम, मूवमेंट, म्यूजिक, ब्रीदिंग, इंट्रोवाइजेशन, स्पीच और डायलॉग के साथ ही लिखना और बोलना समझा रहीं हैं। उनके साथ छह असिस्टेंट हैं।
ट्रेनिंग के लिए बनाए दो बैच
चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी में नादिरा बब्बर की वर्कशाप के लिए इतनी डिमांड थी कि आयोजकों को दो बैच तैयार करने पड़े। एक बैच में तीस स्टूडेंट हैं और दूसरे में भी इतने। अकादमी के चेयरमैन गुरचरण सिंह चन्नी ने कहा कि नादिरा बब्बर की वर्कशाप के लिए डिमांड ही इतनी आ गईं थीं कि दो बैच बनाने पड़े।