जाली फर्मों के बिलों द्वारा सरकार को करीब 25 करोड़ रुपये के जीएसटी का वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोपी सेमी धीमान को विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने गुरुवार को गिरफ्तार कर मोहाली जिला अदालत में पेश किया। अदालत ने विजिलेंस की दलील सुनने के बाद आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। विजिलेंस को उम्मीद है कि पूछताछ में कुछ और राज खुलेंगे। वह पांच साल से फरार चल रहा था।
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक केस गत कांग्रेस सरकार के समय में साल 2018 में दर्ज हुआ था। धीमान और अन्य आरोपियों पर आईपीसी की धारा 420, 120- बी और जीएसटी एक्ट 2017 की धारा 132(1) लगाई थी। जिसकी अब पड़ताल विजिलेंस ब्यूरो के उड़न दस्ता- 1 पंजाब मोहाली के हवाले है।
आरोपी की सेमी धीमान निवासी मंडी गोबिंदगढ़ और अन्य आरोपियों की तरफ से आपसी मिलीभगत करके जाली फर्मों और जाली बिल तैयार करके और आगे यह जाली बिल मंडी गोबिंदगढ़ और लुधियाना की फर्मों को बेच कर जीएसटी चोरी की जाती थी। इस तरह आरोपियों ने सरकार को करीब 25 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान पहुंचाया है। केस के अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए खोज की जा रही है।