यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के कारण वहां की कंपनियों व कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले भारतीय युवकों के परिजन दिन-रात उनकी सुरक्षित वापसी की दुआ मांग रहे हैं। राजपुरा के बनवाड़ी का युवक अभिनंदन (22) यूक्रेन की राजधानी कीव शहर में शिक्षा ग्रहण करने गया है।यूक्रेन में युद्ध के संकट को देखते हुए उसके माता-पिता व परिजन बेहद परेशान हैं।
अभिनंदन के पिता काका राम नंबरदार और उसकी माता निशा रानी ने बताया कि उनकी आंख का तारा अभिनंदन नवंबर 2020 में यूक्रेन की राजधानी कीव की यूरोपियन यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट की पढ़ाई करने गया था। काका राम ने बताया कि उनकी रोज ही अभिनंदन से फोन पर बात होती रहती है लेकिन जैसे ही उन्हें पता चला कि रूस की सेना ने गुरुवार सुबह यूक्रेन के कीव व अन्य शहरों में मिसाइलों से हमला और बमबारी शुरू कर दी है।
युद्ध की खबर से घर में नहीं जला चूल्हा
काका राम व उनकी पत्नी निशा रानी ने बताया कि मौजूदा हालात में उनके बेटे अभिनंदन का फोन आता है तो वह घबराहट में अपनी बात पूरी नहीं कर पाता। युद्ध की खबर आने के बाद घर में चूल्हा तक नहीं जल पाया। इतना ही नहीं अभिनंदन की वापसी की टिकट भी उन्होंने 70 हजार रुपये भरकर बुक करवा कर उसके पास भिजवा दी है लेकिन कीव शहर का एयरपोर्ट व रास्ते चारों तरफ से बंद होने से वह और उसके चार दोस्त वहां फंसे हैं और होस्टल में रह रहे हैं।
यूक्रेन सरकार के आदेश से उन्होंने 15 दिन का राशन भी स्टोर कर लिया है। यूक्रेन के एजेंट के मुताबिक सभी को कीव के दूसरे रास्ते से हबीब एयरपोर्ट पर पहुंचाकर भारत वापस भिजवाने का आश्वासन मिला है। काका राम ने कहा कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि उनका बेटा अभिनंदन व उसके चारों दोस्त शनिवार तक भारत आ जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एक तरफ यूक्रेन में विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और जो विद्यार्थी भारत जाना चाहते हैं, उन्हें एजेंट चार गुना मंहगी टिकट से भारत भिजवाने की बात कह रहे हैं। भारत सरकार को सभी बच्चों की सहायता करनी चाहिए और हवाई जहाज की टिकट ब्लैक में नहीं वाजिब दाम में मिलनी चाहिए ताकि सभी बच्चे सही सलामत अपने वतन लौट सकें। काका राम के साथ उनके भाई अमृत लाल व बेटे विक्रांत, बेटी अभिलाषा भारती ने अभिनंदन के सकुशल घर आने की भगवान से प्रार्थना की।