शिरोमणि अकाली दल के दो अलग-अलग संविधान को लेकर कथित फर्जीवाड़े के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल गुरुवार को एसीजेएम होशियारपुर रुपिंदर सिंह की अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और एक जमानती प्रतिभूति पर जमानत दे दी है। उल्लेखनीय है कि इस मामले की सुनवाई 25 फरवरी को होनी है लेकिन प्रकाश सिंह बादल एक दिन पहले जमानत के लिए कोर्ट में पेश हुए। इस संबंध में अधिवक्ता हरकमलजोत सिंह ने बताया कि इस मामले के संबंध में प्रकाश सिंह बादल की अग्रिम जमानत के लिए आवेदन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश होशियारपुर जेपीएस खुर्मी की अदालत में दायर किया गया था।
अर्जी पर सुनवाई के बाद अदालत ने बादल को अग्रिम जमानत देते हुए निचली अदालत में पेश होने और जमानत के लिए आवेदन का आदेश दिया था। आज निचली अदालत ने उन्हें जमानत दे दी। उल्लेखनीय है कि उक्त आपराधिक शिकायत मामले में अध्यक्ष शिरोमणि अकाली दल और महासचिव डॉ. दलजीत सिंह चीमा पहले से ही जमानत पर हैं।
मामले में शिकायतकर्ता बलवंत सिंह खेड़ा ने कहा कि करीब 12 साल पहले शिरोमणि अकाली दल के नेताओं के खिलाफ पार्टी के दो अलग-अलग संविधान रखकर धोखाधड़ी और जालसाजी के संबंध में आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत आपराधिक शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया है कि शिअद नेताओं ने चुनाव आयोग और गुरुद्वारा चुनाव आयोग के पास दो अलग-अलग संविधान जमाकर धोखाधड़ी और जालसाजी की थी।