जरनैल सिंह और अमन अरोड़ा ने कहा कि आम आदमी पार्टी पंजाब के राज्यपाल के जरिये केंद्र की मोदी और यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार से यह सवाल पूछना चाहती है कि सत्ता के नशे में अंधे होकर अन्नदाता को अपनी गाड़ियों के नीचे कुचलने वाले मंत्री के बेटे को यूपी पुलिस क्यों नहीं गिरफ्तार कर रही है। वहीं एमएलए हॉस्टल परिसर के दोनों गेट पर भारी बैरिकेडिंग कर पुलिस प्रशासन ने वाटर कैनन और पुलिस बल तैनात कर दिया। इस कारण आप विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं को अंदर ही बंद कर दिए गया।
विधानसभा में विरोधी पक्ष की उपनेता सरबजीत कौर माणुके, प्रिंसिपल बुद्धराम, मास्टर बलदेव सिंह जैतों, कुलवंत सिंह पंडोरी, मनजीत सिंह बिलासपुर, जै सिंह रोड़ी, पंजाब जनरल सेक्रेटरी हरचंद सिंह बरसट और प्रदेश खजांची नीना मित्तल की अगुवाई में एमएलए हॉस्टल के गेट की ओर बढ़ा और बैरिकेडिंग लांघने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन से पानी की बौछारें कर दीं।
वाटर कैनन का इस्तेमाल करीब एक घंटे तक किया जाता रहा। इस दौरान कई कार्यकर्ता घायल हो गए। बाद में दूसरे गेट से बसें लाकर चंडीगढ़ पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इस मौके पर लखवीर सिंह राय, हरजोत सिंह बैंस, चेतन सिंह जोड़माजरा, सन्नी सिंह आहलुवालिया, सतीश सैणी, राज लाली गिल, गोबिंदर मित्तल, प्रभजोत कौर आदि नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।