शिअद नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के पटियाला जेल पहुंचने पर आम आदमी पार्टी (आप) ने पलटवार किया। आप ने कहा है कि अकाली नेता वहां सिर्फ ड्रामा करने गए थे और उनका मकसद बंदी सिंहों से मिलना नहीं सिर्फ विवाद खड़ा करना था।
पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने सोमवार को एक बयान में कहा कि दो दिसंबर को ही जेल प्रशासन ने कह दिया था कि मुलाकात नहीं हो सकती क्योंकि उनसे मिलने के कुछ सख्त नियम कानून हैं फिर भी मजीठिया अपने साथियों को लेकर वहां ड्रामेबाजी करने गए। कंग ने कहा कि असल बात यह है कि शिअद का इतना बुरा हाल है कि पार्टी ने पिछले उपचुनाव में भी बलवंत सिंह राजोआना के बहन को मोहरा बनाकर अपनी राजनीति चमकाने की सोची थी लेकिन जनता इनकी नीयत को समझ गई।
कंग ने कहा कि ये लोग राजोआना का नाम लेकर अपनी घटिया राजनीति का प्रदर्शन कर रहे हैं। कंग ने सवाल किया कि मजीठिया बताएं कि 2007 से 2017 तक पंजाब सरकार में मंत्री रहते हुए वह कितनी बार बंदी सिंहों से मिलने गए थे? सरकार में रहते हुए वे एक बार भी बंदी सिंहों से मिलने नहीं गए। अब मजीठिया को अचानक उनकी याद आ गई। उन्होंने कहा कि जब वे सत्ता में होते हैं तब इन्हें बंदी सिंहों, सिखों और पंजाब की याद नहीं आती। जब सत्ता से बाहर हो जाते हैं तब इस तरह के ड्रामे करके अपनी राजनीति करने की कोशिश करते हैं।
धामी ने पत्र लिखकर की भूख हड़ताल वापस लेने की अपील
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने सेंट्रल जेल पटियाला में मौत की सजा का सामना कर रहे बलवंत सिंह राजोआणा को पत्र लिखकर पांच दिसंबर से भूख हड़ताल शुरू करने के फैसले को वापस लेने की अपील की। वहीं उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के प्रतिनिधिमंडल को पटियाला जेल में बलवंत सिंह राजोआना से नहीं मिलने देने पर इसे पंजाब सरकार का तानाशाही रवैया बताया।