फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टूट का खतरा: आप के सभी 14 पार्षद दिल्ली, कांग्रेस के सात जयपुर पहुंचे, चंडीगढ़ के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ

Mon, 03 Jan 2022 10:40 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

मेयर चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी व कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को चंडीगढ़ से बाहर भेज दिया है। कहा जा रहा है कि दोनों दलों ने टूट से बचने को लेकर यह कदम उठाया है। आप के पार्षद दिल्ली तो कांग्रेस के पार्षद जयपुर पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
रविवार को देवेंद्र सिंह बबला ने अपनी पत्नी के साथ थामा था भाजपा का दामन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी सोमवार को अपने सभी 14 पार्षदों को लेकर जहां दिल्ली रवाना हो गए, वहीं कांग्रेस के बाकी बचे सात पार्षदों को जयपुर भेज दिया गया। नगर निगम के चुनावी इतिहास में यह पहली बार है, जब सियासी पार्टियां अपने पार्षदों को टूटने से बचाने के लिए उन्हें शहर से दूर ले गई हैं। रविवार को कांग्रेस पार्षद हरप्रीत कौर बबला और उनके पति देवेंद्र सिंह बबला के कांग्रेस से भाजपा में जाने के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है। मेयर चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा किसी पार्टी के पास नहीं है, ऐसे में सियासी दल एक दूसरे पर पार्षदों को लालच देकर तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। 

विज्ञापन


बता दें कि पहली बार नगर निगम चंडीगढ़ का चुनाव लड़ने वाली आम आदमी पार्टी को सबसे ज्यादा 14 सीटें मिली हैं, जबकि भाजपा को 12 और कांग्रेस को आठ और अकाली दल को एक सीट मिली है। कांग्रेस के एक पार्षद के भाजपा में जाने और सांसद किरण खेर का वोट मिलाकर अब भाजपा के पास भी 14 वोट हो गए हैं, जबकि कांग्रेस के पास अब सात ही पार्षद बचे हैं। 

सबसे अधिक 14 पार्षद होने के कारण आम आदमी को डर सता रहा है कि उनके पार्षदों को तोड़ा जा सकता है। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने अपने सभी पार्षदों को सोमवार को दिल्ली बुला लिया, क्योंकि वहां आम आदमी पार्टी की सरकार है। वहीं, कांग्रेस भी अब कोई रिस्क लेने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में उसने अपने पार्षदों को जयपुर भेज दिया है। बता दें कि राजस्थान में कांग्रेस की सरकार है। दोनों दलों को लगता है कि वहां उनके पार्षद सुरक्षित रहेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

हरप्रीत कौर बबला को मेयर प्रत्याशी बनाने की है चर्चा
देवेंद्र सिंह बबला और उनकी पार्षद पत्नी के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद से सियासी हलचल तेज हो गई है। नगर निगम चुनाव के बाद पहली बार मेयर का पद महिला के लिए आरक्षित होता है। ऐसे में यह चर्चा तेज है कि भाजपा हरप्रीत कौर बबला को मेयर पद का प्रत्याशी बना सकती है। चूंकि बबला कांग्रेस से आए हैं और उनकी कांग्रेस में अच्छी पैठ रही है और उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस के कुछ और पार्षद जल्द भाजपा ज्वाइन कर सकते हैं, ऐसे में कांग्रेस ने पार्षदों को शहर से बाहर भेजना उचित समझा। उधर, आम आदमी पार्टी ने अपने पार्षदों के घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगाने और उनकी काल रिकार्डिंग की घोषणा की थी लेकिन पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती, ऐसे में सभी पार्षदों को दिल्ली भेज दिया है।  
दोनों ही पार्टियां अफवाह फैला रही थीं। इसी कारण अपने पार्षदों को चंडीगढ़ से जयपुर लेकर आए हैं। अब यहीं बैठकर मेयर चुनाव की रणनीति बनाएंगे। जब प्रशासन मेयर चुनाव का नोटिफिकेशन जारी करेगा, तब तय करेंगे कि चंडीगढ़ कब पहुंचना है। यदि चुनाव लड़ना पड़े तो मेयर का जो भी उम्मीदवार होगा, पहले उसे भेजा जाएगा। फिलहाल सभी पार्षद जयपुर के आसपास के धार्मिक व पर्यटन स्थलों का भ्रमण करेंगे। कांग्रेस मेयर चुनाव में भाजपा व आप दोनों ही पार्टियों का विरोध करेगी।   - सुभाष चावला, प्रदेश अध्यक्ष, कांग्रेस
हम अपने सभी 14 पार्षदों को दिल्ली मॉडल दिखाने के लिए लाए हैं। बुधवार को चंडीगढ़ वापस आ जाएंगे। सभी पार्षदों को विधानसभा दिखाएंगे। वहां के आप के विधायकों से पार्षदों को रूबरू करवाएंगे ताकि पार्षदों को सदन की कार्यवाही के बारे में जानकारी मिल सके। -प्रेम गर्ग, प्रदेश संयोजक, आप
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें