चंडीगढ़ में 2007 में एक हादसे बैंक कर्मी कार की टक्कर लगने से घायल हो गया था। इलाज के दौरान पीजीआई में उसकी बाजू काटनी पड़ी। सड़क हादसे में घायल रोपड़ निवासी रमन कुमार ने मुआवजे की मांग को लेकर जिला अदालत में मोटर वाहन अधिनियम की धारा 166 के तहत याचिका दायर की थी। ट्रिब्यूनल ने फैसला सुनाते हुए घायल को 13 लाख 20 हजार 88 रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मुआवजे की राशि का भुगतान जिस वाहन से हादसा हुआ था उसके मालिक बिक्रम सिंह को करना होगा।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वाहन चालक की जल्दबाजी और लापरवाही की वजह से हादसा हुआ था। हादसे के बाद रमन के दाएं बाजू में सूजन बढ़ने के साथ तेज दर्द होने लगा। उन्हें पीजीआई इमरजेंसी में 07 अगस्त 2007 को भर्ती कराया गया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए और पूरी जांच के बाद डॉक्टरों को दाहिनी बाजू काटनी पड़ी थी।
ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में रमन कुमार ने बताया था कि हादसे वाले दिन 31 जुलाई 2007 की सुबह 11:05 बजे वह सेक्टर 35 से सेक्टर-37 की तरफ अपनी बाइक पर जा रहा था। उनके साथ बाइक पर पीछे सतीश बैठा था। जब वह सेक्टर-35 की मार्केट के सामने पहुंचे, तभी एक कार ने उनकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। कार को पटियाला के राजपुरा निवासी बिक्रमजीत सिंह चला रहा था। कार की टक्कर से रमन कुमार व सतीश बाइक सहित गिर गए और रमन को सिर व बाजू पर गंभीर चोट आई थी।