खेमकरण के कस्बा भिखीविंड निवासी महिंदरपाल मंगू (42) की केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में मृत्यु हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उसका भाई महिंदरपाल मंगू भिखीविंड में नाई की दुकान चलाता था। चार वर्ष पहले 800 प्रतिबंधित गोलियों की बरामदगी के मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया।
मंगू पहले अमृतसर की जेल में बंद था और एक वर्ष पहले उसे केंद्रीय जेल गोइंदवाल साहिब में शिफ्ट कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस जेल में नशा बिकता है। मंगू ने कई बार उन्हें बताया कि जेल में उसकी तबीयत खराब रहती है और इलाज नहीं करवाया जाता।
रविवार को सुबह साढ़े नौ बजे जेल से सूचना मिली कि मंगू की मौत हो चुकी है। मंगू की पत्नी बलजिंदर कौर ने आरोप लगाया कि जेल प्रबंधन की लापरवाही से मंगू की मौत हुई है और उन्हें संदेह है कि नशा देकर उसकी हत्या की गई है।
बलजिंदर कौर ने पोस्टमार्टम करवाने से यह कहते हुए इन्कार कर दिया कि परिवार को मुआवजा दिया जाए। करीब दो घंटे तक चली बहस के दौरान शवगृह के बाहर परिवार वाले धरने पर बैठे लेकिन बाद में थाना सिटी प्रभारी इंस्पेक्टर हरप्रीत सिंह ने उन्हें समझाया कि मौत के कारण का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। इस दौरान पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाने के लिए सहमति व्यक्त की।
तरनतारन के एसपी (जांच) विशालजीत सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाने के लिए डॉक्टरी बोर्ड गठित किया जा रहा है। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम होगा और इसकी वीडियोग्राफी होगी।
केंद्रीय जेल के अधीक्षक इकबाल सिंह बराड़ ने दावा किया कि जेल में पूरी सख्ती बरती जा रही है। महिंदरपाल मंगू नशे का आदी रहा है और ओट सेंटर से वह दवा भी लेता था। पोस्टमार्टम करवाकर जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट आने पर ही मौत की वजह पता चलेगी।