जानकारी छुपाने पर ये होगी कार्रवाई
- अगर कोई कंपनी, फैक्टरी, संस्थान, ट्रस्ट अपने कर्मचारियों की जानकारी छुपाएगा तो उस पर जुर्माने का प्रावधान है।
- निजी सेक्टर में कार्यरत किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा।
- 30 हजार रुपये तक की नौकरी वाले हर कर्मचारी को श्रम विभाग की वेबसाइट पर अपने नाम का पंजीकरण कराना होगा। यह निशुल्क है। इसकी जिम्मेदारी संबंधित कंपनी, फर्म अथवा रोजगार प्रदाता की होगी। जो कंपनी अपने कर्मचारी की सूचना पंजीकृत नहीं करवाएगी उसे हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 के सेक्शन-3 के तहत 25 हजार से एक लाख रुपये तक जुर्माना किया जा सकेगा। अगर फिर भी कंपनी कानून का उल्लंघन करती है तो उसे हर रोज पांच हजार रुपये का जुर्माना लगेगा।
ये रहेगा कानून का प्रारूप
हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट टू लोकल केंडिडेट्स एक्ट-2020 प्रदेश के सभी निजी उद्योगों, फर्म अथवा हर उस रोजगार प्रदाता पर लागू होगा, जहां 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत हैं। यह नियम पहले से कार्यरत कर्मचारियों पर लागू न होकर नई भर्तियों पर लागू होगा।
कानून में ऐसे मिल सकती है छूट
निजी क्षेत्र के रोजगार प्रदाता को प्रदेश में निपुण अथवा योग्य कर्मचारी की उपलब्धता न होने पर इसकी सूचना श्रम विभाग को देनी होगी। श्रम विभाग संबंधित फर्म को कर्मचारियों को सक्षम बनाने या अन्य राज्य के युवाओं को नौकरी देने के लिए अनुमति देगा।
दशहरे से यह कानून लागू हो गया है। एक दिन पहले 14 अक्तूबर की शाम को ही मैंने फाइल एप्रूव कर दी है, मुख्य सचिव ने भी हस्ताक्षर कर दिए हैं। आचार संहिता के कारण फाइल चुनाव आयोग के पास भेजी गई है। चूंकि तकनीकी जॉब सरकारी सिस्टम में जेई से नीचे नहीं मानते हैं। इसलिए हमने 30 हजार रुपये तय किया है। जेई को हरियाणा सरकार में 34 हजार ग्रेड दिया जाता है।
- दुष्यंत चौटाला, उपमुख्यमंत्री, हरियाणा