अमृतसर में पराली जलाने के 419 मामले सामने आए हैं। वहीं 106 मामलों के साथ तरनतारन दूसरे नंबर पर, 21 मामलों के साथ पटियाला तीसरे, 19 मामलों के साथ कपूरथला चौथे नंबर पर रहा है। इसी तरह से फिरोजपुर में 15, जालंधर में 12, गुरदासपुर में सात, लुधियाना में छह, एसएएस व संगरूर में पांच-पांच बरनाला, मोगा व फरीदकोट में दो-दो, फतेहगढ़ साहिब में तीन पराली जलाने के मामले सामने आए हैं।
गुरुवार को भी जो पराली जलाने के कुल 85 मामले सामने आए, उनमें भी अमृतसर जिला 29 मामलों के साथ नंबर वन रहा। जबकि तरनतारन में गुरुवार को पराली जलाने के 26 व पटियाला में नौ मामले सामने आए हैं।
उधर, किसान लगातार यही कह रहे हैं कि पराली के प्रबंधन के लिए सरकार की तरफ से उन्हें कोई वाजिब मुआवजा नहीं मिलता है और ऊपर से इस समस्या का कोई हल नहीं है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में पराली को आग लगानी पड़ रही है। ऐसे में किसानों ने प्रशासन के जुर्माने का विरोध किया है।