मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि लंपी बीमारी के शिकार पशुधन की विस्तृत सूची राज्य सरकार की तरफ से भारत सरकार को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बीमारी के कारण पशुधन का नुकसान सहने वाले किसानों को मुआवजा दिलाने का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को महामारी घोषित करने से पहले ही केंद्र सरकार के समक्ष मांग उठाई जा चुकी है।
आंदोलन में मारे गए किसानों के परिजनों को नौकरी जल्द
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में किसान आंदोलन के दौरान दर्ज हुए कई केस पहले ही रद्द किए जा चुके हैं और बाकी केस भी जल्द ही रद्द कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को पहले ही 5-5 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है। जान गंवाने वाले कुल 624 किसानों में से 326 के परिजनों को सरकारी नौकरियां दीं चुकी हैं और बाकी को भी जल्दी ही नौकरियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के नाम पर यादगार बनाने का काम करेगी।
पांच नवंबर से शुरू होगा गन्ना पिराई सीजन
बैठक के दौरान किसानों ने गन्ने के मूल्य में विस्तार के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। उन्होंने मुख्यमंत्री को निजी मिलों की बकाया राशि की अदायगी के लिए भी दखल देने की अपील की। मीटिंग के दौरान यह भी फैसला किया गया कि चीनी मिलों में पिराई सीजन पांच नवंबर से शुरू होगा, जिससे पहले तैयारियों का जायजा लेने के लिए 11 अक्तूबर को मीटिंग की जाएगी।