पंजाब में डेंगू का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। अब तक प्रदेश में 5500 डेंगू संक्रमित मिल चुके हैं। उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी की डेंगू को लेकर सख्ती के निर्देश भी काम नहीं आ पा रहे हैं। अभी तक सबसे ज्यादा डेंगू के मामले अमृतसर में मिले हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 20 हजार से अधिक नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें 5500 से अधिक लोगों की डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्य में इस समय 39 प्रयोगशालाओं में इस संक्रमण की मुफ्त में जांच की जा रही है। साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सप्ताह में हर शुक्रवार को ड्राई-डे घोषित किया हुआ है। इस दिन सरकारी कार्यालयों सहित घरों या आसपास कूलरों, गमलों या किसी अन्य सामान में मौजूद पानी को निकाल कर फेंकने की सरकार ने अपील की है।
यह भी पढ़ें - कृषि कानूनों के खिलाफ नई रणनीति: अब दक्षिण भारतीय किसान भी लामबंद, देशव्यापी होगा आंदोलन का स्वरूप
डेंगू के मरीज के इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों में वार्ड बनाए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी ने बताया कि डेंगू के मच्छरों के खात्मे के लिए ब्रीडिंग चेकरों की संख्या बढ़ाकर 460 कर दी गई है और डेंगू के मरीज के घर के आसपास 50-60 घरों में मच्छर मारने वाली दवा का स्प्रे करवाया जा रहा है।
डेंगू और मलेरिया, एपीडेमिक डिसीज एक्ट 1897 के अधीन नोटिफाइड हैं इसलिए़ सभी निजी अस्पतालों के लिए डेंगू और मलेरिया केस की जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को देनी जरूरी है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया गया है।
अफसरों को आवंटित हो चुके जिले
उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी ने राज्य में डेंगू की रोकथाम के लिए मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को जिलों का आवंटन कर दिया है। ये अधिकारी अपने-अपने आवंटित जिलों का सप्ताह में दो बार दौरा करेंगे। साथ ही रोकथाम और प्रबंधन के कार्यों की समीक्षा करेंगे।