25 सितंबर को हुई सदन की बैठक में नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा था कि लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने की जरूरत है। चंडीगढ़ वर्तमान में गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है। वहीं, मंत्रालय ने चेताया है कि अगर नहीं सुधार हुआ तो स्थिति बेहद गंभीर हो जाएगी। मनीमाजरा पहले ही गंभीर स्थिति में है, इसलिए सबसे पहले मनीमाजरा में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति योजना के पायलट प्रोजेक्ट को शुरू किया जाएगा, ताकि वहां भूजल की स्थिति को सुधारा जा सके। इसके बाद पूरे शहर में सातों दिन 24 घंटे पानी की आपूर्ति योजना को लागू किया जाएगा। अगले चार साल में ट्यूबवेलों पर निर्भरता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
38 फीसदी पानी बर्बाद होने के प्रमुख कारण
- गांव-कालोनियों में पानी की चोरी
- बिना मीटर के इस्तेमाल होने वाला पानी
- लाल डोरे के बाहर पानी की खपत ज्यादा
- पुरानी पाइप लाइंस की वजह से लीकेज
शहर में पानी की सप्लाई की पूरी व्यवस्था
जल आपूर्ति स्रोत आंकड़े
ट्यूबवेल की संख्या 253
ट्यूबवेल से निकाले जाने वाला कुल पानी 25 एमजीडी
सतही जल (भाखड़ा मुख्य नहर, कजौली) 58 एमजीडी + 29 एमजीडी
वाटर वर्क्स की संख्या 7
वाटर वर्क्स की क्षमता 70.5 एमजी
जल आपूर्ति पाइप की कुल लंबाई (कि.मी.) 1450 लगभग
पाइप से जलापूर्ति वाले घरों का प्रतिशत 100 फीसदी
औसत जल आपूर्ति (एलपीसीडी) 227
जल आपूर्ति का गुणवत्ता सूचकांक 100 फीसदी
जल आपूर्ति की मीटरिंग (प्रतिशत) 100 फीसदी
गैर-राजस्व जल (एनआरडब्ल्यू) कुल आपूर्ति जल का 38 फीसदी