दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार पंज-आब एक्सप्रेस बस हर मंगलवार और शुक्रवार को ननकाना साहिब जाती है। पहले यह बस सीधे ननकाना साहिब तक जाती थी। वाघा सीमा से इस बस की सुरक्षा पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी करती थी।
पांच साल पहले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद द्वारा इस बस को उड़ा देने की धमकी के बाद पाकिस्तान ने इस बस को सुरक्षा देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद से यह बस भारत के यात्रियों को अटारी सड़क सीमा तक ले जाती है।
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वहां से यात्री पैदल पाकिस्तान की वाघा सीमा पर जाते हैं और वहां खड़ी पाकिस्तान की बस इन यात्रियों को ननकाना साहिब पहुंचाती है। इस बस सेवा के फेल होने का मुख्य कारण लोगों को वीजा लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। पुलिस वेरिफिकेशन की लंबी प्रक्रिया है।
इस बस सेवा को चलाने का उद्देश्य गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करवाना और व्यापारियों को लाहौर-अमृतसर आने की सुविधा देना था।