पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए राज्य सरकार ने 340 करोड़ रुपये का बजट अलॉट किया है। इस बीच, मुख्य चुनाव अधिकारी को सभी जिलों से सुरक्षा बलों की 700 कंपनियां भेजने की मांग प्राप्त हुई है, जिसकी समीक्षा के बाद अंतिम मांग भारतीय चुनाव आयोग को भेज दी जाएगी।
यह जानकारी सोमवार को मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एस. करुणा राजू ने दी। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने बताया कि चुनाव में अधिक से अधिक वोटरों को वोट डालने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारतीय निर्वाचन आयोग (ईसीआई) द्वारा 80 वर्ष से अधिक उम्र के वोटरों, दिव्यांगों (40 प्रतिशत से अधिक) और कोविड-19 संक्रमित मरीजों को पोस्टल बैलेट के जरिए वोट डालने की सुविधा दी गई है।
उन्होंने बताया कि राज्य के कुल 2.09 करोड़ वोटरों में से 5.33 लाख से अधिक लोग 80 वर्ष से अधिक उम्र के हैं जबकि 1.34 लाख से अधिक लोग दिव्यांग की श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा, ‘हम दिव्यांग व्यक्तियों और 80 वर्ष से अधिक आयु वाले वोटरों को पोलिंग स्टेशनों पर आकर वोट डालने के लिए उत्साहित करते हैं लेकिन अगर वह अपनी सेहत स्थिति के कारण पोलिंग स्टेशन पर आकर वोट डालने से असमर्थ हैं तो ईसीआई ने इनके लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा प्रदान की है।’
उन्होंने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति पोलिंग बूथों पर पहुंचने के लिए पीक एंड ड्रॉप सुविधा भी प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. राजू ने बताया कि भारत के पासपोर्ट रखने वाले एनआरआई वोटरों के लिए वोटिंग प्राथमिकता आदि समेत विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं ताकि वह बिना किसी मुश्किल के अपनी वोट डाल सकें। वोटरों की सुविधा के लिए एनएसएस, एनसीसी और भारत स्काउट्स एंड गाइडों के लगभग 1.5 लाख वालंटियरों को लगाया गया है।
कुल वोटर: 20918499
पुरुष: 11015475
महिलाएं: 990235400
अन्य: 670
80 वर्ष से अधिक उम्र के वोटर: 533111
प्रवासी भारतीय: 1606
सेवा मतदाता: 111614
कुल निर्वाचन केंद्र: 24689