अबोहर में मंगलवार को सरकारी स्कूल के तीन विद्यार्थी कोरोना पॉजटिव मिले जबकि नौ संदिग्ध मिले। इन विद्यार्थियों की रिपोर्ट आते ही उन्हें 14 दिनों के लिए एकांतवास पर रखा गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने सारी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है और उचित कार्रवाई की सिफारिश की है।
अबोहर में सोमवार को 73 विद्यार्थियों की जांच की गई जबकि मंगलवार को 128 विद्यार्थियों की जांच हुई। इसमें तीन कोरोना संक्रमित मिले जबकि नौ विद्यार्थियों की रिपोर्ट संदिग्ध आई। बुधवार को इनका दोबारा टेस्ट किया जाएगा। टेस्ट के दौरान मौजूद करीब 100 से अधिक विद्यार्थियों और स्कूल कर्मचारियों ने मास्क नहीं पहना था। तीनों बच्चों को घर पर ही क्वारंटीन किया गया है। अन्य बच्चों के नमूने दोबारा भेजे गए हैं।
विभाग की नोडल अफसर डॉ. गुरकृपाल कौर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर जांच कैंप लगाए जा रहे हैं। जो भविष्य में भी जारी रहेंगे। शिक्षा विभाग के डिप्टी डीईओ बृज मोहन बेदी ने कहा कि स्कूल के तीन बच्चे पॉजिटिव आना चिंताजनक है। इसके लिए वह स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के हिसाब से कार्य करेंगे। वहीं एसएमओ डॉ. गगनदीप सिंह ने कहा कि सभी स्कूल संचालक यह तय करें कि अगर किसी बच्चे को बुखार, जुकाम के लक्षण हैं तो उसका तुरंत सरकारी अस्पताल में टेस्ट करवाएं।
स्कूल प्रिंसिपल राजेश सचदेवा ने बताया कि 11वीं कक्षा के 12 सेक्शनों में तीन बच्चे पॉजटिव मिले हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें लिखित रूप में कुछ भी नहीं दिया है। इसके बाद भी उन्होंने तीनों सेक्शनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है।
26 जुलाई को खुले थे 10वीं से 12 तक के स्कूल
कोरोना संक्रमण के गिरते ग्राफ को देखते पंजाब सरकार ने 26 जुलाई से 10वीं से 12 वीं कक्षा तक स्कूलों को खोलने का आदेश जारी किया था। इसके बाद सरकार ने दो अगस्त से सभी स्कूल को खोलने का आदेश दिया था।
सरकार ने कोविड नियमों का सख्ती से पालन करने का आदेश भी दिया था। सरकार ने छात्रों का रैपिड टेस्ट करने को भी कहा था। सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार अगर किसी कक्षा में दो छात्र कोरोना संक्रमित मिलते हैं तो पूरी कक्षा को क्वारंटीन किया जाएगा, वहीं एक स्कूल में अगर चार से ज्यादा छात्र कोरोना संक्रमित मिलते हैं तो उस स्कूल को बंद करना होगा।