अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में करीब 22 हजार शिक्षक अस्थायी स्टेशनों पर बैठें हैं और तबादला ड्राइव चलाने के बावजूद इनको आज तक स्थायी स्टेशन नहीं मिल पाए हैं। शिक्षकों को आ रही परेशानी और शिक्षकों और विद्यार्थियों के बिगड़े अनुपात के चलते अब शिक्षक तबादला संघर्ष समिति ने एक और तबादला अभियान चलाने की मांग की है। समिति का कहना है कि अभी अवकाश चल रहे हैं, इसलिए सत्र शुरू होने से पहले ही विभाग इस कार्य को अंजाम दे तो शिक्षकों और अध्यापकों को राहत मिलेगी।
संघर्ष समिति के राज्य प्रधान कृष्ण कुमार निर्माण ने कहा कि इस समय भी 13430 जेबीटी अध्यापक अस्थायी स्टेशनों पर तैनात हैं। इनमें हाल ही में तबादला किए गए 10854 टीचर और इससे पहले भी अंतरजिला तबादलों में 2576 शिक्षक शामिल हैं। इस बीच 200 जेबीटी अध्यापकों की टीजीटी अंग्रेजी पद पर पदोन्नति हो चुकी है। दो बार प्रिंसिपल की पदोन्नति सूची आ चुकी है, जिसमें पहली सूची में 360, दूसरी में लगभग 200, पीजीटी हिंदी पदोन्नत 363, संस्कृत पीजीटी पदोन्नत 283 शामिल हैं। ऐसे में पदोन्नति वालों की संख्या 1406 है। इसके अलावा सीधी भर्ती में पीजीटी पदों पर 200 की भर्ती हुई है। अभी टीजीटी अंग्रेजी 95 अध्यापक हैं और भी पदोन्नत सूची आ रही हैं। ये सब अध्यापक भी अस्थायी स्टेशनों पर तैनात हैं। इनमें से बहुत सारे एनिवेहर विक्लप में हैं, जिनमें बहुत सारी महिलाएं भी हैं। 2022 में हुई ट्रांसफर के बाद काफी विवाद होने पर लगभग दो हजार शिक्षकों का डेपुटेशन भी किया गया था, जो कि छह महीने से ज्यादा नहीं होता, मगर उसे दो साल बीत चुके हैं। इसलिए कुल मिलाकर आठ हजार अपर टीचर और चौदह हजार जेबीटी टीचर अस्थायी स्टेशनों पर बैठे हैं।
समिति का कहना है कि जेबीटी अध्यापकों के तबादले अभी तक केवल एक बार 2016 में ही हुए थे। उसमें भी बहुत सारे प्रभावित हुए थे, जिनको आठ साल बाद तक राहत नहीं मिली है। लोकसभा चुनाव से पहले 2004 में लगे जेबीटी के 400, 2008 में लगे जेबीटी के 161, 2011 में लगे जेबीटी के 1103 और 2017 में लगे 9190 जेबीटी के शिक्षकों के अंतरजिला तबादले हुए थे। इस कारण कई स्कूलों में जरूरत से अधिक संख्या में शिक्षक हो गए और बहुत सारे स्कूल शिक्षक रहित ही हो गए। परिणाम स्वरूप प्रदेश भर के ट्रांसफर हुए जेबीटी के 60 प्रतिशत का वेतन कई महीनों से अटका पड़ा है। एचआरएमएस पोर्टल पर पोस्टें शो नहीं कर रही हैं। इसलिए समिति दोबारा से तबादला अभियान चलाने की मांग कर रही है।