चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में शनिवार को सिंडिकेट का चुनाव निर्विरोध संपन्न हुआ। इसमें छह फैकल्टी के लिए 15 सिंडिकेट सदस्यों को सर्वसम्मति से चुना गया। चयनित 15 सदस्य भाजपा और छोटे सहयोगी ग्रुपों से ताल्लुक रखते हैं। गोयल ग्रुप ने सिंडिकेट चुनाव से दूरी रखी। कांग्रेस समर्थित एक भी सीनेटर ने चुनाव में हिस्सा नहीं लिया। वहीं, सीनेटर और पूर्व वीसी प्रोफेसर अरूण कुमार ग्रोवर ने भी चुनाव में आपत्ति दर्ज करते हुए हिस्सा नहीं लिया। पंजाब सरकार की तरफ से विधायकों को अभी तक नियुक्त नहीं किया गया है। पंजाब सीएम और शहर की सांसद भी इस बार अनुपस्थित रहीं।
सीनेटर सत्यपाल जैन ने कहा कि शनिवार को सिंडिकेट के सभी सदस्य सर्वसम्मति से चुने गए हैं। सभी मिलकर पीयू के हित के लिए काम करेंगे। सभी सिंडिकेट सदस्य भाजपा ग्रुप से समर्थित हैं और निर्विरोध जीत हासिल की है। पहली बार सिंडिकेट चुनावों में 15 सदस्यों में 6 महिलाएं चुनकर आई हैं। चयनित टीम में संतुलित टीम है। इसमें यूनिवर्सिटी और कॉलेजों से जुड़े सभी वर्गों को समुचित प्रतिनिधित्व दिया गया है। सभी सदस्य एक टीम की तरह काम करेंगे।
2016 में भी सिंडिकेट के सदस्यों का चुनाव निर्विरोध हुआ था। बता दें कि सीनेट की फैकल्टी कांस्टीट्यूएंसी से चयनित 6 फैकल्टी के सदस्यों का अभी कोर्ट में केस लंबित है। वहीं, लेक्चरर कांस्टीट्यूएंसी से एक शिक्षक कम है। कांग्रेस खेमे के दो सीनेटरों ने हाईकोर्ट में सिंडिकेट चुनाव प्रक्रिया में तय नियमों का पालन नहीं करने को लेकर याचिका डाली है। इस पर कोर्ट ने चार जुलाई की तारीख दी है इसलिए दोनों ही सीनेटरों ने चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। पहली बार सिंडिकेट चुनाव में कई सीनेटर अनुपस्थित रहे।
इन फैकल्टी में इन्हें बनाया सिंडिकेट सदस्य
1. कंबाइंड फैकल्टी एडवोकेट सत्यपाल जैन, प्रो. प्रशांत गौतम, डॉ. नीरू मलिक
2. मेडिकल साइंस प्रो. सुखबीर कौर, डॉ. हेमंत बत्रा
3. लॉ प्रो. दविंदर सिंह, एडवोकेट देवेश मौदगिल
4. लैंग्वेज डॉ. मुकेश कुमार अरोड़ा और प्रो. योजना रावत
5. आर्ट्स प्रो. रुपिंदर कौर, डॉ. जयंति दत्ता, जगतार सिंह
6. साइंस डॉ. बलबीर चंद जोसन, प्रो. सविता गुप्ता और डॉ. सुरिंदर सिंह संघा