वहीं, पिछली रात सतह पर चलने वाली हवा की चाल तकरीबन शून्य थी। दोनों के मिले-जुले असर से दिल्ली समेत तकरीबन 55,083 वर्ग किमी में फैले एनसीआर में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। जिन शहरों की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक नहीं पहुंची थी, वहां का प्रदूषण भी 400 के करीब रहा।
सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद और पानीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) क्रमश: 478 व 475 दर्ज किया गया, जबकि पानीपत में सुबह आठ बजे पीएम-10 का स्तर 500 रिकॉर्ड किया गया। सीपीसीबी विशेषज्ञों का कहना है कि हालात आपात स्थिति की तरफ जा रहे हैं। अगर मौसमी दशाओं में बदलाव नहीं हुआ तो प्रदूषण स्तर 500 के पार भी जा सकता है।
पराली जलाने के मामले घटे, शुक्रवार को सुधर सकती है हवा
पिछले 24 घंटों में हरियाणा और पंजाब में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है। मंगलवार को 2577 की तुलना में बुधवार को 1057 मामले पराली जलाने के दर्ज किए गए। गुरुवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं के हिस्से में आठ फीसदी की गिरावट आएगी। वहीं, दोपहर बाद से सतह पर हवा की चाल में भी थोड़ा इजाफा होगा। इससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होगा, जिसका असर शुक्रवार को दिख सकता है।
देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई
गाजियाबाद 478
पानीपत 475
बल्लभगढ़ 467
बागपत 461
नोएडा 450
ग्रेटर नोएडा 438
हापुड़ 435
मेरठ 430
बुलंदशहर 430
कैथल 423
दिल्ली 419
जींद 415
फरीदाबाद 404
भिवाड़ी 390
कुरुक्षेत्र 390
करनाल 388
गुरुग्राम 365
भिवानी 360
सिरसा 359
अंबाला 356
शरीर पर यह हो सकता है असर
आंख, फेफड़े, नर्वस सिस्टम, सिर दर्द और त्वचा प्रभावित हो सकती है।
डायरिया की बीमारी भी हो सकती है।
वातावरण में मौजूद हानिकारक तत्व सांस के जरिये शरीर में पहुंच जाते हैं, ये खून में मिलकर लोगों को रोगी बना सकते हैं
डॉक्टरों की सलाह
- सुबह और देर शाम की सैर से बचें। यदि सुबह सैर के लिए निकलना ही है तो कुछ खाकर निकलें। खाली पेट टहलने से बचें।
- पार्क में ओस देखने के बाद ही वहां पर टहलें। ओस की वजह से प्रदूषण की एक लेयर साफ हो जाती है।
- घर से बाहर निकलते वक्त मास्क लगाकर निकलें।
- खाने में स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ लें और खूब पानी पीएं, इससे शरीर को हानि पहुंचाने वाले प्रदूषित तत्व शरीर से निकल जाएंगे।