पंजाब पुलिस के लिए सिरदर्द बने सुक्खा भिखारीवाल को आखिरकार दुबई में दबोच लिया गया और उसे भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। भिखारीवाल खालिस्तान समर्थक खालिस्तान लिब्रेशन फोर्स (केएलएफ) का प्रमुख हैंडलर है और आठ से ज्यादा लोगों की हत्या करवा चुका है। जिसमें शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या भी शामिल है। अपने गुर्गों के जरिये पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले सुक्खा का असली नाम सुखमीत पाल सिंह उर्फ सुख उर्फ सोनी है। वह थाना कलानौर के भिखारीवाल का रहने वाला है।
गैंगस्टर विक्की गौंडर, ज्ञान खरलावांल, हैरी चठ्ठा, गुरप्रीत गोपी का साथी रह चुका सुक्खा भिखारीवाल पूरे पंजाब की पुलिस के लिए सिरदर्द बना है। सुक्खा भिखारीवाल पर गुरदासपुर में कुल 10 मामले दर्ज हैं। इनमें तीन हत्या, पांच हत्या के प्रयास और दो एनडीपीएस एक्ट के मामले हैं। सुक्खा पर पहला मामला हत्या के प्रयास का फरवरी 2012 में थाना तिब्बड़ में दर्ज किया गया था। इस पहली वारदात को अंजाम देने के चार माह बाद ही सुक्खा ने पुरानाशाला में हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
2017 में सुक्खा भगोड़ा करार दिया गया, जिसके बाद से यह मोस्ट वांटेड में सबसे पहले स्थान पर आ गया। फरवरी 2020 में धारीवाल के डडवां रोड पर अंधाधुंध फायरिंग कर शिवसेना नेता हनी महाजन पर अपने गुर्गों से गोलियां चलवाई थीं। जिसमें शिवसेना नेता हनी महाजन के पड़ोसी अशोक कुमार की मौत हो गई थी। हालांकि पंजाब के डीजीपी ने इस मामले को शराब कारोबार से जोड़ा था। उस वक्त जांच में सुक्खा के लिंक आतंकी हैप्पी पीएचडी से मिले थे। हैप्पी केएलएफ का सरगना था।
जांच में सामने आया कि भिखारीवाल आतंकी हैप्पी पीएचडी से मिलकर केएलएफ के लिए काम कर रहा था। पीएचडी की मौत के बाद अपने गुर्गों के जरिये पंजाब का माहौल खराब करने का रास्ता अख्तियार कर चुका था।
2017 में की दो लोगों की हत्या
दिसंबर 2017 में सुख भिखारीवाल ने दिन दहाड़े विक्की गौंडर, ज्ञान खरलांवाल, हरी चठ्ठा मजीठिया, गोपी के साथ मिलकर औजलां मोड़ पर पेशी भुगतकर लौट रहे गैंगस्टर हरप्रीत सिंह सूबेदार व सुखचैन सिंह जट्ट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस पर कांग्रेसी नेता ओंकार सिंह उर्फ सोनू के घर में अपने गुर्गों से गोली चलवाने समेत कई मामले दर्ज हैं। सुक्खा भिखारीवाल पर थाना कोतवाली नाभा जिला पटियाला में भी नाभा जेल ब्रेककांड में लिप्त होने का केस दर्ज है और अमृतसर में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं।