एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) से संबद्ध कॉलेजों में बड़े पैमाने पर फर्जी शिक्षकों की तैनाती की गई है। मामले के सामने आने के बाद विवि के कुलपति ने 16 मई तक कॉलेजों से जवाब मांगा है। जवाब आने के बाद ही संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी।
कुलपति ने कहा कि मामले में दोषी पाए जाने पर फर्जी काम करने वाले संस्थानों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। मालूम हो कि एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कॉलेजों से कोर्स से जुड़ी तमाम सूचना मांगी थीं। इसमें हर शिक्षक के नाम, निवास का पता, पैन नंबर, मोबाइल नंबर, ई-मेल समेत अन्य जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने को कहा गया था।
जांच के बाद करीब 20 हजार शिक्षकों को जारी किए गए पैन नंबर फर्जी गए। साथ ही अन्य जानकारियां भी अधूरी पाई गईं हैं। यानी साफ है कि कॉलेजों ने मानकों को कागज में पूरा करने के लिए फर्जी शिक्षकों की तैनाती कर रखी है। बताया जाता है कि कॉलेजों ने फर्जी शिक्षकों की तैनाती दिखाकर मोटी तनख्वाह में हेराफेरी भी की है। संभावना जताई जा रही है कि कॉलेजों में मानक पूरे करने के लिए सिर्फ नाम शामिल करके प्रोफेसर नियुक्त किए हैं।